Edited By Isha, Updated: 27 Aug, 2026 01:40 PM

हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत ही हंगामेदार और तल्ख सियासी माहौल में हुई। सदन की कार्यवाही राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के गायन के साथ शुरू हुई, लेकिन इस दौरान विपक्षी दल कांग्रेस के विधायक
चंडीगढ़(चंद्र शेखर धरणी) : हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में लगातार जारी भारी हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा एक्शन लिया है। सदन की कार्यवाही में बार-बार बाधा डालने, नारेबाजी करने और वेल (Well) में आकर हंगामा करने पर कांग्रेस के कई विधायकों को 'नेम' (Named) कर दिया गया है।
इन प्रमुख विधायकों को किया गया नेम
सदन की मर्यादा का उल्लंघन करने पर जिन विधायकों पर यह गाज गिरी है, उनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- शकुंतला खटक
- इंदु राज नरवाल
- गोकुल सेतिया
- आदित्य सुरजेवाला
- देवेंद्र हंस
- बलराम ढांडा (Dhangi)
सदन का माहौल बेहद तनावपूर्ण
सत्र की शुरुआत से ही कांग्रेस विधायक सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए थे। काले कपड़ों में विरोध जताने और विधायक कुलदीप वत्स के साथ हुई अभद्रता के मुद्दे पर सदन का माहौल पूरी तरह से बेकाबू हो गया था। इससे पहले हंगामे के कारण 12:30 बजे तक कार्यवाही रोकनी पड़ी थी और मार्शल को भी अंदर बुलाना पड़ा था।

विरोध और नारेबाजी के बाद लिया फैसला
सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष का कड़ा रुख साफ दिखाई दे रहा था। राष्ट्रगीत के दौरान कांग्रेस विधायकों की गैरमौजूदगी, काले कपड़ों में प्रवेश करने और विधायक कुलदीप वत्स के साथ हुई अभद्रता के मुद्दे को लेकर सदन का माहौल लगातार गरमाता चला गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हुई तीखी बयानबाजी के कारण जब सदन चलाना मुश्किल हो गया, तो स्पीकर ने स्थिति को संभालते हुए कार्यवाही 12:30 बजे तक रोकने का ऐलान किया।12:30 बजे सदन दोबारा शुरू होने के बाद सरकार की ओर से 4 नए विधेयक पेश किए जाने और विशेषाधिकार हनन रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने की संभावना है।

काले कपड़े पहनकर पहुंचे कांग्रेस विधायक
सरकार की नीतियों और जनविरोधी मुद्दों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए कांग्रेस विधायक सदन में काले कपड़े (काले कुर्ते/काली पट्टी) पहनकर पहुंचे थे। जब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सदन में दिवंगत नेताओं और बलिदानियों को श्रद्धांजलि देते हुए शोक प्रस्ताव पढ़ रहे थे, उस समय कांग्रेस विधायक काले कपड़ों में अपने आसन पर बैठे नजर आए। सदन में विपक्ष के इस रुख और राष्ट्रगीत के दौरान अनुपस्थिति को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस होने के आसार बन गए हैं।

सरकार पेश करेगी 4 नए विधेयक
- आज सदन की कार्यवाही के दौरान राज्य सरकार की ओर से 4 महत्वपूर्ण विधेयक (Bills) पेश किए जाएंगे,
- हरियाणा न्यायालय संशोधन विधेयक 2026
- हरियाणा नगरपालिका संशोधन विधेयक 2026
- हरियाणा नगर निगम संशोधन विधेयक 2026
- हरियाणा बाबा श्री खाटू श्याम चुलकाना धाम पूजास्थल विधेयक 2026
हुड्डा समेत कांग्रेस विधायकों पर विशेषाधिकार हनन रिपोर्ट
सत्र के दौरान आज सबसे बड़ी हलचल विशेषाधिकार हनन रिपोर्ट को लेकर होने वाली है। सदन में नेवा (NeVA) पोर्टल के जरिए विशेषाधिकार हनन कमेटी की रिपोर्ट पेश की जाएगी। इस रिपोर्ट के लपेटे में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित कई अन्य कांग्रेसी विधायक हैं। इस रिपोर्ट के पेश होने के बाद सदन का माहौल पूरी तरह से गरमाने की संभावना है, क्योंकि विपक्ष इसे राजनीतिक बदले की भावना बताकर कड़ा विरोध जता सकता है।

ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और कानून व्यवस्था पर उठेगा मुद्दा
प्रश्नोत्तर काल और कार्य सलाहकार समिति (BAC) की रिपोर्ट के बाद, सदन में इनेलो विधायकों (आदित्य और अर्जुन चौटाला) की तरफ से राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी रखा जाएगा। तीन दिन के इस छोटे लेकिन अहम मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस के आसार बने हुए हैं।

"गुंडागर्दी कांग्रेस कर रही है, सीसीटीवी फुटेज निकालें Speaker साहिब..." सदन में बोले सीएम नायब सिंह सैनी
हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में उस वक्त माहौल बेहद गर्मा गया जब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस विधायकों और विपक्ष के आरोपों पर जोरदार पलटवार किया। सदन में विधायक कुलदीप वत्स द्वारा लगाए गए मारपीट और बदसलूकी के आरोपों का करारा जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने कांग्रेस पर ही गुंडागर्दी करने का आरोप लगा दिया।
सदन के भीतर मचे हंगामे के बीच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) को संबोधित करते हुए कहा:"गुंडागर्दी कांग्रेस कर रही है। स्पीकर साहिब, आप दोनों पक्षों को अपने चेंबर में बुला लें और वीडियो (CCTV फुटेज) निकलवा कर देख लें, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।"
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सत्ता पक्ष किसी भी तरह की गुंडागर्दी में शामिल नहीं है, बल्कि विपक्ष जानबूझकर सदन का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि घटना की सच्चाई सामने लाने के लिए विधानसभा के फुटेज जांचे जाने चाहिए, जिससे साफ हो जाएगा कि असल में अभद्रता और हंगामा किसने शुरू किया था।मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच जमकर नारेबाजी और नोकझोंक देखने को मिली।