NEET में रोहतक के छोरे का जलवा, 7वां रैंक हासिल कर लहराया परचम, माता-पिता दोनों डॉक्टर

Edited By Manisha rana, Updated: 18 Oct, 2020 10:40 AM

पूरे देश में NEET परीक्षा में 711 अंक हासिल कर 7वां रैंक प्राप्त करने वाले सात्विक गोदारा ने इस मुकाम तक पहुचने में दिन रात एक कर दिया। सात्विक हर रोज...

रोहतक (दीपक भारद्वाज) : पूरे देश में NEET परीक्षा में 711 अंक हासिल कर 7वां रैंक प्राप्त करने वाले सात्विक गोदारा ने इस मुकाम तक पहुचने में दिन रात एक कर दिया। सात्विक हर रोज 10 घंटे से भी ज्यादा पढ़ाई करते है। सात्विक के माता-पिता दोनों ही डॉक्टर है और शुरू से ही सात्विक को डॉक्टर बनाना चाहते थे। सात्विक के माता-पिता नहीं जानते थे कि बेटा 7वे रैंक तक पहुंचेगा। सात्विक ने कोरोना में डॉक्टरों की जरूरत को देखते हुए NEET में जाने का फैसला लिया है।

माता-पिता दोनों ही डॉक्टर
बता दें कि कोरोना के चलते बच्चों की पढ़ाई और अर्थव्यवस्था को चौपट होते देखा होगा। जहां इस महामारी में सबसे अगली पंक्ति में डॉक्टर रहे है, लेकिन एक युवा ऐसा भी था जिसे कोरोना काल में डॉक्टरों की कमी महसूस हुई, इसी से प्रेरणा लेकर सात्विक गोदारा ने पूरे देश में 711 अंक लेकर NEET में 7वा रैंक हासिल किया है। सात्विक के माता-पिता दोनों ही डॉक्टर है जो सात्विक के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। सात्विक ने 7वां रैंक यू ही हासिल नहीं किया बल्कि इसके लिए हर रोज 10 घंटे से ज्यादा पढ़ाई की। सात्विक 10 वीं तक रोहतक में ही पढ़े है। सात्विक ने इस बार NEET में रह गए दूसरे युवाओं से कहा कि मुकाम हासिल करने के दोबारा तैयारी करें।

सात्विक के पिता डॉ राजेश का कहना है कि वह मेहनती लड़का है और उन्हें ये उम्मीद थी कि सात्विक NEET परीक्षा पास जरूर कर लेगा लेकिन 7वां रैंक हासिल करेगा ये नहीं पता था।सात्विक की मां भी डॉक्टर है उनका कहना है कि वह एक साथ खाना न खाकर थोड़े-थोड़े समय बाद खाता था ताकि वो आराम से पढ़ सके।

गौरतलब है कि नीट रिजल्ट जारी कर दिया है। परीक्षा में ओडिशा के शोएब आफताब ने टॉप किया है। जबकि रोहतक के सात्विक ने 711 अंक लेकर 7वा रैंक हासिल किया है। कुल 56.44% उम्मीदवारों ने परीक्षा पास की है। नीट रिजल्ट से कुछ देर पहले फाइनल आंसर-की जारी कर दी गई। नीट परीक्षा देश भर में 13 सितंबर को पेन पेपर मोड में आयोजित हुई थी। इस परीक्षा के लिए कुल 15.97 लाख उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था। इनमें से 85 फीसदी से 90 फीसदी परीक्षार्थियों ने एग्जाम दिया था। इस परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले परीक्षार्थियों को देश के सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में संचालित एमबीबीएस व बीडीएस कोर्सेज में एडमिशन मिलेगा।

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