Edited By Isha, Updated: 12 May, 2026 09:46 AM

: हरियाणा के पूर्व खेल मंत्री संदीप सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में जिला अदालत बड़ी राहत दी है। अभियोजन पक्ष ने आरोपों में संशोधन कर भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (रेप का प्रयास) को धारा 511 के
चंडीगढ़: हरियाणा के पूर्व खेल मंत्री संदीप सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में जिला अदालत बड़ी राहत दी है। अभियोजन पक्ष ने आरोपों में संशोधन कर भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (रेप का प्रयास) को धारा 511 के साथ जोड़ने की मांग की थी। साथ ही मामले को सत्र अदालत में भेजने की मांग को लेकर दायर अर्जी को सोमवार को खारिज कर दिया।
संदीप सिंह की ओर से बचाव पक्ष ने जवाब दाखिल कर अर्जी का विरोध किया। अदालत के ट्रायल मुख्य न्यायिक निर्णय से अब केस का मैजिस्ट्रेट अदालत में ही चलेगा। अगली सुनवाई के लिए 16 मई तय की गई है। अभियोजन पक्ष ने मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट की अदालत मैं यह अर्जी दायर की थी। अभियोजन पक्ष का तर्क है कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री, जिसमें पीड़िता का दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत बयान और अदालत में दिया गया मुख्य परीक्षण शामिल है, आरोपी के खिलाफ स्पष्ट, सुसंगत और गंभीर आरोप दर्शाते हैं।
वहीं, संदीप सिंह की ओर से वकील ने कहा कि पूर्व ओलंपियन को झूठा फंसाया गया है। ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं है जिससे यह साबित हो कि वर्तमान मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 376 सहपठित धारा 511 के तहत अपराध बनता है। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि शिकायतकर्ता ने अपनी प्रारंभिक पुलिस शिकायत, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी, में इस तरह के आरोपों का उल्लेख नहीं किया था। वकील ने आगे कहा कि इसी तरह की एक अर्जी शिकायतकर्ता द्वारा पहले भी दायर की गई थी, जिसे 29 जुलाई 2024 को पूर्ववर्ती अदालत ने खारिज कर दिया था। इस आदेश को न तो शिकायतकर्ता और न ही राज्य ने सत्र अदालत में चुनौती दी, जिससे यह अंतिम रूप ले चुका है।