अब महज एक स्ट्रिप से चुटकी में होगा दूध का दूध, पानी का पानी(VIDEO)

Edited By Isha, Updated: 17 Feb, 2020 03:28 PM

दूध का दूध और पानी का पानी। कुछ इसी तर्ज पर अब महज एक स्ट्रिप से पशुपालक चुटकी में मिलावटी दूध की पहचान कर सकते हैं। इसके लिए बनी खास किस्म की मल्टी किट की मदद से दूध......

करनाल: दूध का दूध और पानी का पानी। कुछ इसी तर्ज पर अब महज एक स्ट्रिप से पशुपालक चुटकी में मिलावटी दूध की पहचान कर सकते हैं। इसके लिए बनी खास किस्म की मल्टी किट की मदद से दूध में सुक्रोज से लेकर ग्लूकोज, यूरिया, हाईड्रोजन पेरोक्साइड, न्यूट्रिलाइजर्स और मेल्टोडेक्स्ट्रीन तक की मात्रा का सटीक आकलन किया जा सकता है। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान में विकसित किट का न केवल व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो गया है, बल्कि अब जल्द ही इसे देश भर में फैले सात सौ से अधिक कृषि विज्ञान केंद्रों पर भी उपलब्ध कराया जाएगा।

एनडीआरआई में आयोजित डेयरी मेले में खास तौर पर इस किट का प्रदर्शन किया गया है, जिसे देखने के साथ पशुपालक विज्ञानियों से तमाम जानकारी भी हासिल कर रहे हैं। विज्ञानियों की टीम में शामिल साधना मौर्या, निशी, हर्षिता और डॉ. कमल ने बताया कि संस्थान के डेयरी केमिस्ट्री विभाग के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. राजन शर्मा, डॉ. वाईएस राजपूत और डॉ. बिमलेश मान ने इसे ईजाद किया है। दूध की गुणवत्ता जांचने के लिए बनी इस स्ट्रिप बेस्ड किट से दूध में विभिन्न पदार्थों की जांच चुटकी में संभव है।

मिलावट जांचने के लिए टेस्ट ट्यूब का उपयोग होता है, जिन्हें दूध में पांच सेकेंड तक डुबोते ही मिलावट होने या नहीं होने का पता चल जाता है। दूध में मुख्यत: डिटर्जेंट, एसिड, गंदे पानी व इसी प्रकार के अन्य पदार्थ की मिलावट की जाती है। इनके लिए सुक्रोज, न्यूट्रालाइजर, यूरिया, ग्लूकोज, हाईड्रोजनपैराक्साइड और माल्टोडिक्सट्रिप का प्रयोग होता है, जिनकी मात्रा इस प्रक्रिया से जानी जा सकती है। 

रंग बदला तो दूध में मिलावट :
सफेद रंग की स्ट्रिप को एक से पांच एमएल दूध में पांच सेकेंड तक डुबोने के बाद पांच से आठ मिनट तक बाहर रखने पर यदि रंग पीला हो जाता है, तो डिटर्जेट की मिलावट है। हर प्रकार के पदार्थ की पॉजीटिव और नेगेटिव जांच के लिए अलग-अलग रंगों का निर्धारण है। 

हर किसी के लिए उपयोगी : 
किट का फायदा डेरी संचालक, हलवाई, शीतन केंद्र, क्वालिटी कंट्रोल प्रयोगशाला, दूधिये और आम लोग भी उठा सकते हैं। बेहद आसानी से इसका प्रयोग करके दूध की शुद्धता का आकलन किया जा सकता है। इसीलिए अब लगातार इसका प्रचलन बढ़ रहा है।

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