सिविल अस्पताल में दलालों का बोला-बाला, लालच ने छीन ली प्रसूता की जिंदगी (VIDEO)

Edited By Shivam, Updated: 02 Sep, 2018 10:20 PM

फरीदाबाद के सिविल अस्पताल में दलालों का बोलबाला एक बार फिर सामने आया है। जहां एक जच्चा को चंद रूपयों के लालच में निरोग्यम नाम के निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया जहां डिलीवरी के दौरान बरती गई लापरवाही के चलते प्रसूता महिला की मौत हो गई, हालांकि...

फरीदाबाद(अनिल राठी): फरीदाबाद के सिविल अस्पताल में दलालों का बोलबाला एक बार फिर सामने आया है। जहां एक जच्चा को चंद रूपयों के लालच में निरोग्यम नाम के निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया जहां डिलीवरी के दौरान बरती गई लापरवाही के चलते प्रसूता महिला की मौत हो गई, हालांकि नवजात बच्ची फिलहाल सुरक्षित है और सिविल अस्पताल में भर्ती करा दी गई है। वहीं निरोग्यम अस्पताल की आरएमओ ने माना कि अस्पताल ने मानकों के विपरित ऑपरेशन किया और जिससे जच्चा की मौत हो गई। फिलहाल पुलिस ने इस सारे मामले में परिजनों की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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दरअसल, बीते 1 सितंबर की शाम को सरस्वती नाम की महिला मरीज जो कि गर्भवती थी उसको आंगनवाड़ी केंद्र त्रिखा कॉलोनी बल्लबगढ़ से एक आशा वर्कर बल्लबगढ़ के सरकारी अस्पताल में इलाज और डिलीवरी के लिए लेकर गई। लेकिन बल्लबगढ़ के सरकारी अस्पताल ने अपने यहां डिलीवरी की पूरी सुविधा ना होने का हवाला देकर उसे फरीदाबाद के बी.के सिविल अस्पताल के लिए भेज दिया। यहां सिविल अस्पताल में डॉक्टर के पास पंहुचने से पहले ही आशा वर्कर अंजली और एंबुलेंस पर तैनात ड्राइवर ने परिजनों को गुमराह करते हुए सिविल अस्पताल के पास के ही निजी अस्पताल निरोग्यम एनएच-3 में स्थापित अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। जहां देर रात हुई डिलीवरी के दौरान बच्ची का जन्म तो सुरक्षित हो गया, लेकिन थोड़़ी ही देर बाद गर्भवती महिला सऱस्वती की हालत बिगड़ गई।

परिजनों का आरोप है कि निजी अस्पातल में मौके पर मौजूद डॉक्टरों ने ना तो महिला को बचाने की कोशिश की और ना ही घर के किसी भी महिला को मरीज से मिलने दिया गया, जब हालात बिगड़ गए तो निरोग्यम नाम के निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने महिला मरीज को कहीं और ले जाने की बात कही, जिसके बाद परिजन महिला को लेकर बी.के सिविल अस्पताल में लेकर गए लेकिन जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि महिला की मौत हो चुकी थी।

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वहीं जब इस पूरे मामले पर निरोग्यम अस्पताल की आरएमओ ने बताया कि वो उस वक्त ड्यूटी पर तैनात नहीं थी, लेकिन उनके संज्ञान में ये मामला है और माना कि अस्पताल की गलती से महिला की मौत हुई है। अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन करने के लिए पूरे उपकरण मौजूद नहीं थे, लेकिन बावजूद इसके ऑपरेशन किया गया जिससे महिला की हालत खराब हो गई और अस्पताल में वैंटिलेटर मौजूद ना होने के चलते महिला मरीज की मौत हो गई।

वहीं पुलिस के मुताबिक फिलहाल डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा मृतक महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है जो भी रिपोर्ट आएगी संबंधित लापरवाह लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है।

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