Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 30 Apr, 2026 09:12 PM

साइबर अपराधियों ने अब डिजिटल अरेस्ट के जरिए लोगों को डराकर ठगने का नया तरीका अपनाया है। फर्रुखनगर के रहने वाले एक युवक को फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर डराया गया और उसके खाते से करीब 2.80 लाख रुपये साफ कर दिए।
गुड़गांव, (ब्यूरो): साइबर अपराधियों ने अब डिजिटल अरेस्ट के जरिए लोगों को डराकर ठगने का नया तरीका अपनाया है। फर्रुखनगर के रहने वाले एक युवक को फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर डराया गया और उसके खाते से करीब 2.80 लाख रुपये साफ कर दिए। साइबर क्राइम थाना मानेसर ने इस मामले में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गुरुग्राम की ताजा खबरों के लिए लिंक https://www.facebook.com/KesariGurugram पर क्लिक करें।
पुलिस के मुताबिक, फर्रूखनगर के वार्ड नंबर आठ निवासी योगेंद्र कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 10 अप्रैल को उनके पास मोबाइल नंबर से एक अनजान कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बताया। ठग ने योगेंद्र पर आरोप लगाया कि उसने कोई गंभीर अपराध किया है, जिसके चलते उसके नाम पर अरेस्ट वारंट जारी हो चुका है।
योगेंद्र को पूरी तरह डराने के लिए ठगों ने उसे वीडियो कॉल की। कॉल के दौरान ठग वर्दी में या किसी दफ्तर जैसे माहौल में बैठे थे। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी से बचने के लिए उसे अपने बैंक खाते की ऑनलाइन सत्यापन करवाना होगा। ठगों ने योगेंद्र को डिजिटल अरेस्ट कर इस कदर मानसिक दबाव में ले लिया कि वह उनके निर्देशों का पालन करने लगा।
डर के मारे पीड़ित ने 10 से 12 अप्रैल के बीच अपने एसबीआई बैंक खाते से ठगों द्वारा दी गई यूपीआई आईडी पर कुल दो लाख 79 हजार 994 रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब पैसे खत्म हो गए और ठगों ने और मांग शुरू की, तब योगेंद्र को एहसास हुआ कि वह डिजिटल अरेस्ट और साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो चुका है।