Edited By Isha, Updated: 23 Aug, 2026 03:31 PM

स्वास्थ्य विभाग ने राज्य की सभी 29 विशेष नवजात देखभाल इकाइयों (एसएनसीयू) को एक नवंबर तक मदर-न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एमएनसीयू) में बदलने के निर्देश दिए हैं। इससे इलाज के दौरान मां और बच्चे को एक-दूसरे के करीब रखने में मदद मिलेगी।
चंडीगढ़: स्वास्थ्य विभाग ने राज्य की सभी 29 विशेष नवजात देखभाल इकाइयों (एसएनसीयू) को एक नवंबर तक मदर-न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एमएनसीयू) में बदलने के निर्देश दिए हैं। इससे इलाज के दौरान मां और बच्चे को एक-दूसरे के करीब रखने में मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की बैठक में अधिकारियों को यह निर्देश दिए। उन्होंने राज्य में 8 नए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) विंग्स के निर्माण में भी तेजी लाने को कहा है। इन केंद्रों में महिलाओं व बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
सरकार चाहती है कि मां और बच्चे की रिकवरी को एक साथ बेहतर बनाया जाए। मातृ मृत्यु दर 127 से घटकर 94 और नवजात मृत्यु दर 26 से घटकर 17 हो गई है। इसके अलावा प्रथम रेफरल इकाइयों (एफआरयू) की संख्या 40 से बढ़ाकर 100 कर दी गई है। 38 विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती भी की गई है।
हर जिला अस्पताल में बनेगा बाल देखभाल केंद्र
सरकार सभी जिला अस्पतालों में बाल देखभाल केंद्र स्थापित करेगी। इसका फायदा उन महिला कर्मचारियों और मरीजों को मिलेगा जिन्हें अस्पताल आने के दौरान बच्चों की देखभाल की जरूरत होती है। इसके साथ ही आशा कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।