लेबर कार्ड घोटाला: क्राइम ब्रांच की रिमांड में आरोपी सिंघल का बड़ा खुलासा, फर्जी मुहर-गुप्त फाइलें बरामद, कई अफसरों पर गिरेगी गाज

Edited By Isha, Updated: 21 Jun, 2026 02:37 PM

labour card scam accused singhal makes major revelations while in crime branch

कोरोना काल में हुए 10 करोड़ रुपये के श्रमिक पंजीकरण कार्ड घोटाले में हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तत्कालीन सहायक कल्याण अधिकारी एनके सिंघल को गिरफ्तार किया गया है। अपराध शाखा मधुवन की विशेष टीम ने उनको शुक्रवार को गिरफ्तार...

पानीपत: कोरोना काल में हुए 10 करोड़ रुपये के श्रमिक पंजीकरण कार्ड घोटाले में हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तत्कालीन सहायक कल्याण अधिकारी एनके सिंघल को गिरफ्तार किया गया है। अपराध शाखा मधुवन की विशेष टीम ने उनको शुक्रवार को गिरफ्तार कर एक दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान उन्होंने कई अधिकारियों, कर्मचारियों और दलालों के नाम बताए हैं। कई गुप्त फाइल, फर्जी मुहर और बैंक खातों का भी पता चला है।

फरवरी 2020 में एडवोकेट सुभाष चंद्र ने सीआईडी के एडीजीपी को शिकायत देकरसिंघल व स्टाफ पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। इसके बाद श्रम विभाग ने 27 जुलाई 2020 को जांच कमेटी गठित की। इसी बीच बापौली निवासी सनी सैनी ने भी सहायक निदेशक हरेंद्र मान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। दोनों शिकायतों के बाद एक जनवरी से 31 मार्च 2020 तक श्रमिकों के पंजीकरण और बांटे गए लाभों का भौतिक सत्यापन किया गया। इसमें बड़े पैमाने पर वित्तीय धांधली और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने की पुष्टि हुई। सोनीपत के उप-निदेशक कार्यालय ने जांच के बाद कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की। नवंबर 2024 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर पानीपत के शहर थाना में एनके सिंघल और हरेंद्र मान के कि खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। बाद में यह मामला अपराध शाखा मधुबन ट्रांसफर कर दिया, तब से क्राइम ब्रांच जांच कर रही थी। डीएसपी नायब सिंह ने बताया कि मामले में जांच की जा रही है।

सैकड़ों अपात्र लोगों के कार्ड बनाए

आरोप है कि एनके सिंघल ने सैकड़ों ऐसे अपात्र लोगों के श्रमिक पंजीकरण कार्ड बनाए जो वास्तव में निर्माण मजदूर थे ही नहीं। इन कार्डों के आधार पर सरकार की योजनाओं जैसे बेटियों की शादी के लिए कन्यादान, बच्चों के लिए छात्रवृत्ति, मातृत्व लाभ और एनके सिंघल चिकित्सा सहायता राशि का करीब 10 करोड़ रुपये का फंड हड़प लिया। जांच में सामने आया कि इस घोटाले में सिंघल के साथ लेबर विभाग के छह नियमित व अनुबंधित कर्मी भी शामिल रहे। हरेंद्र मान सहित कई अन्य अधिकारियों की संलिप्तता भी पाई गई।

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