होमगार्ड एवं सिविल डिफेंस विभाग के ऑनलाइन ड्यूटी रोस्टर सिस्टम का हुआ शुभारंभ

Edited By Isha, Updated: 25 Jul, 2022 09:20 PM

home guard and civil defense department s online duty roster launched

गृह मंत्री ने होमगार्ड के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि होमगार्ड के स्वयंसेवकों का सेवा रिकार्ड, ड्यूटी रिकॉर्ड, उपस्थिति रिकॉर्ड, भत्ता इत्यादि का रिकॉर्ड डिजिटलाइज किया जाए और ड्यूटी लेने वाले विभागों के साथ एकीकृत भी किया जाना चाहिए।

चण्डीगढ(चंद्रशेखर धरणी): हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि होमगार्ड के स्वयंसेवकों को विभिन्न सुविधाएं देने लिए कई स्तरों पर बातचीत की जा रही है, ताकि होमगार्ड के स्वयंसेवकों को भी पुलिस कर्मचारियों के समान सुविधाएं मिल सके। विज ने यह जानकारी सोमवार को होमगार्ड एवं सिविल डिफेंस विभाग के ऑनलाइन ड्यूटी रोस्टर सिस्टम (ओआरएस) के शुभारंभ अवसर पर दी। इस पोर्टल के शुरू होने से होमगार्ड के स्वयंसेवकों को ऑनलाइन तरीके से ड्यूटी पर भेजा जाएगा। 

गृह मंत्री ने होमगार्ड के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि होमगार्ड के स्वयंसेवकों का सेवा रिकार्ड, ड्यूटी रिकॉर्ड, उपस्थिति रिकॉर्ड, भत्ता इत्यादि का रिकॉर्ड डिजिटलाइज किया जाए और ड्यूटी लेने वाले विभागों के साथ एकीकृत भी किया जाना चाहिए।

 

ड्यूटी में ऑनलाइन सिस्टम आने से पक्षपात और भ्रष्टाचार पर लगेगी रोक

होम गार्ड के ऑनलाइन ड्यूटी रोस्टर सिस्टम के शुभारंभ अवसर पर होमगार्ड के अधिकारियों ने गृह मंत्री को अवगत कराया कि वर्तमान में होमगार्ड के लगभग 12 हजार स्वयंसेवक हैं और ड्यूटी में ऑनलाइन सिस्टम आने से पक्षपात और भ्रष्टाचार पर नकेल कसी जा सकेगी। इस सिस्टम से ड्यूटी आबंटन व रोटेशन में पारदर्शिता आएगी। ड्यूटी की जरूरत होने पर जानकारी देते हुए होमगार्ड के अधिकारियों ने बताया कि तीन मापदंड के आधार पर भी स्वयंसेवकों की ड्यूटी कंप्यूटर द्वारा लगाई जाएगी, ताकि मानव हस्तक्षेप न हो सके। 

 

ओआरएस सिस्टम के जरिए ड्यूटी आबंटन में देरी होगी समाप्त

इस मौके पर गृह मंत्री को अवगत कराया गया कि ओआरएस सिस्टम शुरू होने से ड्यूटी की तिथि व रोटेशन की तिथि से 7 दिन पहले ही सचेत (अलर्ट) कर देगा कि अमुक स्वयंसेवक की ड्यूटी समाप्त होने जा रही है। इसके अलावा, ड्यूटी के संबंध में एसएमएस और ईमेल के माध्यम से भी स्वयंसेवकों को जानकारी मुहैया करवाई जाएगी और यह जानकारी जिला कमांडेंट को भी दी जाएगी। स्वयंसेवकों को जिला मुख्यालय या प्रशिक्षण केन्द्रों पर भी अपनी ड्यूटी के बारे में रिपोर्ट करना होगा। इस सिस्टम से स्वयंसेवकों को समान अवसरों के साथ-साथ हर प्रकार की ड्यूटी करने का अभ्यास भी होगा। ऑनलाइन सिस्टम के आरंभ होने से ड्यूटी आबंटन में देरी को समाप्त किया जाएगा।  

 

होमगार्ड के स्वयंसेवकों को दी जा रही कई सुविधाएं

इस दौरान बताया गया कि होमगार्ड के स्वयंसेवकों को पहली बार सर्दी व गर्मी की वर्दियां दी गई है, जिसमें जूते व जैकेट भी शामिल है। स्वयंसेवकों की मृत्यु होने पर परिवारजनों को दो लाख रुपए की सहायता राशि का प्रावधान, होमगार्ड के स्वयंसेवकों को 788 रुपए प्रति दिन का दैनिक भत्ता देने का प्रावधान भी किया गया हैं। इसके अतिरिक्त, होमगार्ड के स्वयंसेवकों के लिए लगभग 40 एकड़ भूमि में कम्बाइंड प्रशिक्षण संस्थान को स्थापित करने के लिए 35 करोड़ रुपए की राशि को मंजूरी दी गई हैं। राज्य के सभी होमगार्ड स्वयंसेवकों का रिकॉर्ड डिजिटलाइज्ड किया गया है और अब ये परिवार पहचान पत्र योजना का हिस्सा है। 

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