अधूरे रह गए सपने... विदेश में हरियाणा के युवक की संदिग्ध मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

Edited By Harman, Updated: 21 Aug, 2026 01:21 PM

haryana youth dies under suspicious circumstances abroad

करनाल के बस्तली गांव के रहने वाला राजीव की आर्मेनिया में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। राजीव की मौत की सूचना मिलने पर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है।

करनाल : करनाल के बस्तली गांव के रहने वाला राजीव की आर्मेनिया में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। राजीव की मौत की सूचना मिलने पर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, मृतक राजीव के भाई अभिषेक ने बताया भाई के साथ रहने वाले रूममेट ने मेरे भाई की मौत के बारे में जानकारी हमें फोन के माध्यम से दी। अभिषेक ने बताया काम के बाद जिस वक्त उसका दोस्त घर गया, तब उसने राजीव को बेड पर लेटा हुआ देखा। कुछ समय बाद जब उसने उसे हिला कर देखा तो राजीव की सांस बंद थी। 

उसके बाद पुलिस को सूचना दी गई कि पुलिस मौके पर पहुंची और पुलिस ने मेरे भाई राजीव को मृत घोषित कर दिया। मृतक के भाई ने कहा मेरा भाई बिल्कुल खुश था। दिन में बातचीत हुई थी। मौत के कारणों का कुछ भी पता चल नहीं पाया है। मकान बनाने की अभी कुछ समय पहले ही शुरुआत की थी। उन्होंने कहा मैं अपने भाई को रोजाना मकान की फोटो भेजो करता था और वह भी रोजाना परिवार के लोगों से बात करता था। कर्ज उठाकर उन्होंने अपने छोटे भाई को आर्मेनिया में भेजा था। परिवार के सपने टूट गए। मृतक के भाई ने बताया कि हमारे सिर पर पिता का भी साया नहीं है।परिवार बिल्कुल टूट चुका है।

मृतक की मां कमलेश ने रोते हुए कहा आज मुझे इस तरह के दिन भी देखना पड़ रहे हैं। उन्होंने सरकार से और प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि वह आखिरी बार अपने बेटे का चेहरा देखना चाहती है। सरकार उनकी मदद करें जिससे उनके बेटे का शव भारत लाया जा सके और हमें कुछ नहीं चाहिए। उन्होंने कहा अपने बेटे को उन्होंने कर्ज लेकर विदेश में भेजा था ताकि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक हो सके। लेकिन आप परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट चुका है। उन्होंने कहा मेरे बेटे की मौत के बाद हमारी पूरी दुनिया उजड़ चुकी है। उन्होंने कहा बेटा राजीव उनके पास रोजाना फोन किया करता था। लेकिन कल बार-बार फोन मिलाने पर भी उससे बात ना हो सकी। उन्होंने सरकार और प्रशासन से केवल एक ही गुहार रोते हुए लगाई है कि उनके बेटे के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाया जाए ताकि वह अपने बेटे को आखरी बार देख सके। बता दे राजीव और अभिषेक परिवार में दो भाई है। राजीव परिवार का छोटा बेटा था जो आर्मेनिया में घर की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए 2022 में कामकाज की तलाश में वहां गया था।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!