हरियाणा के बाल देखभाल संस्थानों में CCTV को लेकर सख्त एडवाइजरी, निजी मोबाइल-लैपटॉप से कनेक्शन पर रोक; 15 दिन में मांगी रिपोर्ट

Edited By Krishan Rana, Updated: 15 Oct, 2026 09:05 PM

haryana issues strict advisory regarding cctv cameras in childcare institutions

हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष सुश्री तृप्ति श्योराण ने प्रदेश के सभी बाल देखभाल संस्थानों में


चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष सुश्री तृप्ति श्योराण ने प्रदेश के सभी बाल देखभाल संस्थानों में रह रहे बच्चों की निजता, गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सीसीटीवी सिस्टम के सुरक्षित उपयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण वैधानिक परामर्श जारी किया है।

यह एडवाइजरी बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 की धारा 13(1)(a ) के अंतर्गत जारी की गई है। आयोग ने अपने निरीक्षणों के दौरान पाया कि कई बाल देखभाल संस्थानों में सीसीटीवी सिस्टम को निजी मोबाइल फोन और लैपटॉप से जोड़ा गया है। इससे लाइव फुटेज को कहीं से भी देखा, डाउनलोड और प्रसारित किया जा सकता है, जो बच्चों की सुरक्षा और निजता के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करता है।

जारी एडवाइजरी के अनुसार  सीसीटीवी सिस्टम, उसकी फुटेज और पासवर्ड पर केवल संस्थान के प्रभारी का नियंत्रण होगा। सिस्टम तक पहुंच केवल अधिकृत कर्मचारियों को ही दी जाएगी। साझा पासवर्ड का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। सीसीटीवी सिस्टम को निजी मोबाइल फोन या लैपटॉप से जोड़ना सख्त वर्जित होगा। रिमोट एक्सेस की सुविधा डिफॉल्ट रूप से बंद रखी जाएगी। कोई भी व्यक्ति सीसीटीवी मॉनिटर की तस्वीर, स्क्रीन रिकॉर्डिंग या फुटेज को डाउनलोड, कॉपी अथवा व्हट्सअप, सोशल मीडिया या ईमेल के माध्यम से प्रसारित नहीं करेगा। डीवीआर और एनवीआर उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर रखा जाएगा। 

इसके साथ ही पासवर्ड समय-समय पर बदले जाएंगे और एक्सेस लॉग की नियमित जांच की जाएगी। किसी घटना से संबंधित फुटेज को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक सुरक्षित रखा जाएगा। शौचालय, स्नानघर और कपड़े बदलने वाले स्थानों के भीतर सीसीटीवी कैमरे लगाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। 

यह किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) मॉडल नियम, 2016 के नियम 67(12) के अंतर्गत निर्धारित अनिवार्य प्रावधान है। प्रत्येक बाल देखभाल संस्थान को अधिकृत उपयोगकर्ताओं का रिकॉर्ड और फुटेज प्राप्त करने का रजिस्टर रखना होगा। इसमें दिनांक, फुटेज प्राप्त करने का उद्देश्य और प्राप्तकर्ता का विवरण दर्ज किया जाएगा। किसी भी अनधिकृत पहुंच की सूचना तत्काल सक्षम प्राधिकारी को देनी होगी।

आयोग ने महिला एवं बाल विकास विभाग, सभी उपायुक्तों और जिला बाल संरक्षण अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। एडवाइजरी का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार उचित प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा को निर्देशित किया गया है कि वह अपने अधीन सभी संबंधित जिला अधिकारियों और बाल देखभाल संस्थानों को एडवाइजरी में निर्धारित सुरक्षा उपाय लागू करने के लिए लिखित निर्देश जारी करे। राज्य और जिला स्तर के सक्षम अधिकारी निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित करेंगे कि सीसीटीवी सिस्टम से जुड़े उपकरणों का विवरण उपलब्ध हो, लाइव फीड और रिकॉर्डेड फुटेज तक पहुंच रखने वाले व्यक्तियों की पहचान एवं प्राधिकरण स्पष्ट हो तथा एक्सेस क्रेडेंशियल्स की सुरक्षा, रिमोट एक्सेस सेटिंग्स और रिकॉर्डिंग के सुरक्षित भंडारण एवं संरक्षण संबंधी प्रावधानों का पालन किया जा रहा हो। 

इसके अतिरिक्त, विशेष रूप से बालिकाओं वाले बाल देखभाल संस्थानों में लागू विशेष सुरक्षा उपायों की भी जांच की जाएगी। किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर उसे तत्काल दूर किया जाएगा तथा गैर-अनुपालन के लिए नियमानुसार जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी।

 इस एडवाइजरी का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सीसीटीवी निगरानी बच्चों की संस्थागत सुरक्षा और बाल संरक्षण का माध्यम बनी रहे तथा उनकी गतिविधियों और ठिकाने से संबंधित जानकारी किसी भी अनधिकृत व्यक्ति तक न पहुंचे।

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