हरियाणा के 4 बिजली निगमों को शेयर बाजार में लिस्ट करने की तैयारी, केंद्र ने मुख्य सचिव से मांगा रोडमैप; जानें क्या है वजह

Edited By Harman, Updated: 27 Oct, 2026 06:17 PM

preparations underway to list haryana s 4 power utilities on the stock exchange

हरियाणा के चार प्रमुख बिजली निगमों को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया में हो रही देरी पर केंद्र सरकार ने गंभीरता दिखाई है। केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने राज्य के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी से इस दिशा में लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा कराने और...

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा के चार प्रमुख बिजली निगमों को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया में हो रही देरी पर केंद्र सरकार ने गंभीरता दिखाई है। केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने राज्य के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी से इस दिशा में लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा कराने और पूरी प्रक्रिया का गतिविधिवार रोडमैप तैयार कर भेजने को कहा है।

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केंद्रीय विद्युत सचिव पंकज अग्रवाल ने 19 अक्टूबर 2026 को भेजे पत्र में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (यूएचबीवीएनएल), दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (डीएचबीवीएनएल), हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीजीसीएल) और हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (एचवीपीएनएल) की शेयर बाजार में लिस्टिंग से जुड़े लंबित मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का आग्रह किया है।

दो अहम मोर्चों पर काम अधूरा
मंत्रालय के पत्र में प्रक्रिया से जुड़े दो प्रमुख लंबित मामलों की ओर ध्यान दिलाया गया है। पहला, कृषि उपभोक्ताओं के लिए अलग बिजली वितरण कंपनी (डिस्कॉम) अभी तक पूरी तरह परिचालन में नहीं आई है। दूसरा, एचपीजीसीएल और एचवीपीएनएल की लिस्टिंग की तैयारी आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सलाहकार की नियुक्ति भी लंबित है। इन दोनों मामलों में प्रगति के बिना लिस्टिंग की प्रक्रिया को निर्धारित दिशा में आगे बढ़ाने में कठिनाई आ सकती है। इसी को देखते हुए केंद्र ने राज्य स्तर पर जरूरी निर्णय लेने, मंजूरियां प्राप्त करने और संबंधित प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया है।

निवेश और आधुनिकीकरण को मिलेगा बढ़ावा
केंद्रीय विद्युत मंत्रालय के अनुसार, बिजली निगमों को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने से पूंजी जुटाने के नए अवसर खुल सकते हैं। इससे बिजली क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने, बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और परिचालन दक्षता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। लिस्टिंग की प्रक्रिया पूरी होने पर निगमों की वित्तीय कार्यप्रणाली, जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूत करने का अवसर भी मिलेगा। इसके साथ ही बिजली क्षेत्र की विकास योजनाओं के लिए राज्य सरकार के बजटीय सहयोग पर निर्भरता कम करने में सहायता मिल सकती है।

पुराने निर्देशों पर अमल तेज करने की जरूरत
मंत्रालय ने अपने पत्र में केंद्रीय विद्युत मंत्री की ओर से 15 मई 2026 को लिखे गए पत्र और 12 नवंबर 2024 को राज्यों के ऊर्जा मंत्रियों के सम्मेलन में हुई चर्चा का भी उल्लेख किया है। इससे स्पष्ट है कि बिजली निगमों की लिस्टिंग का विषय पहले से केंद्र और राज्य के बीच विचाराधीन है। अब मंत्रालय ने मुख्य सचिव से अपेक्षा की है कि वे संबंधित विभागों और बिजली निगमों के बीच समन्वय स्थापित कर लंबित मुद्दों के समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करवाएं। इस रोडमैप में विभिन्न गतिविधियों, आवश्यक मंजूरियों और आगे की कार्रवाई को स्पष्ट रूप से शामिल करने पर जोर दिया गया है।

पारदर्शिता और सुशासन पर केंद्र का जोर
केंद्र सरकार का मानना है कि बिजली निगमों की शेयर बाजार में लिस्टिंग की पहल हरियाणा के बिजली क्षेत्र में वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और संस्थागत जवाबदेही को बढ़ावा दे सकती है। मंत्रालय ने इस दिशा में समयबद्ध कार्रवाई की जरूरत बताते हुए कहा है कि हरियाणा इस पहल के माध्यम से सुशासन और पारदर्शिता के क्षेत्र में अन्य राज्यों के सामने उदाहरण प्रस्तुत कर सकता है। अब राज्य सरकार के स्तर पर लंबित प्रक्रियाओं को गति देने और केंद्र को विस्तृत रोडमैप भेजने की दिशा में आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
 

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