Edited By Harman, Updated: 28 May, 2026 03:23 PM

पलवल के गांव कुसलीपुर के पास युवक ने साथियों के साथ शराब पीने के दौरान हुए विवाद के बाद जान से मारने की नीयत से अपनी कार कार्यालय में घुसा दी। इसके बाद अस्पताल में दाखिल होकर पुलिस पर दबाव बनाने की नीयत से हथौड़ों से हमले की झूठी अफवाह भी फैलाई।...
पलवल ( दिनेश सहरावत) : पलवल के गांव कुसलीपुर के पास युवक ने साथियों के साथ शराब पीने के दौरान हुए विवाद के बाद जान से मारने की नीयत से अपनी कार कार्यालय में घुसा दी। इसके बाद अस्पताल में दाखिल होकर पुलिस पर दबाव बनाने की नीयत से हथौड़ों से हमले की झूठी अफवाह भी फैलाई। पुलिस ने कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तों मामले का पर्दाफाश हुआ। फुटेज में सामने आया कि युवक द्वारा कार्यालय में कार से टक्कर मारी गई और इसके बाद दूसरे पक्ष ने उसके साथ डंडों से मारपीट की थी, न कि हथौड़ों से। पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों की शिकायत पर मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहले पक्ष की तरफ से पुलिस को दी गई शिकायत में असावटा के रहने वाले रोहित ने बताया कि 22 मई की रात करीब वह अपने साथियों के साथ कुसलीपुर में प्रापर्टी के कार्यालय में बैठा था। तभी देव नगर का रहने वाला नरेंद्र कुंडू अपनी कार लेकर वहां आया और अचानक जान से मारने की नीयत से तेज रफ्तार कार को सीधे कार्यालय के अंदर घुसा दिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दफ्तर का सामान पूरी तरह ध्वस्त हो गया। घटना के बाद आरोपित मौके से फरार हो गया। घायल रोहित को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने पीड़ित रोहित की शिकायत और सीसीटीवी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी नरेंद्र कुंडू के विरुद्ध हत्या के प्रयास की धारा में मामला दर्ज किया है।
वहीं मामले में दूसरे पक्ष से नरेंद्र कुंडू ने बताया कि उसे असावटा के रहने वाले नंदू पोसवाल ने फोन करके कुसलीपुर स्थित अपने कार्यालय पर बुलाया था। वहां उसे जबरदस्ती शराब पिलाई। पार्टी खत्म होने के बाद जब नरेंद्र अपने घर जाने के लिए अपनी कार सीट पर बैठा तो नंदू भी आ गया। नरेंद्र ने जैसे ही गाड़ी चलाई, तभी अचानक नंदू का हाथ गाड़ी के गियर पर लग गया, जिससे अनियंत्रित होकर कार सीधे कार्यालय के शीशे तोड़ते हुए अंदर घुस गई।
नरेंद्र का आरोप है कि कार टकराते ही अंदर बैठे रोहित, दिनेश और उनके एक अन्य साथी ने उस पर रायड, डंडे और लाठियों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। नंदू उसे बेहोशी की हालत में कार में डालकर आगरा चौक की तरफ ले गया। इसी दौरान रसूलपुर चौक के पास नरेंद्र के भतीजे राहुल ने कार को पहचान लिया। भतीजे को देखकर आरोपित नरेंद्र को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। कैंप थाना जांच अधिकारी सचिन ने बताया कि शुरुआती जांच में कार्यालय पर ताला बंद होने और घायल के अस्पताल में व्यस्त होने के कारण चश्मदीद नहीं मिले थे। 27 मई को पुलिस ने घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इससे पता चला कि नरेंद्र कुंडू ने जानबूझकर, जान से मारने की नीयत से कार को दफ्तर के अंदर बैठे लोगों पर चढ़ाया था। पीड़ितों की जान बाल-बाल बची है। इसके बाद दूसरे पक्ष ने नरेंद्र कुंडू के साथ मारपीट की थी।