एटीएम से दस लाख रुपए चोरी, कस्टोडियन कर्मचारियों पर आरोप

Edited By Parveen Kumar, Updated: 21 Jan, 2026 08:14 PM

custodian employee theft money during atm machine filling

सेक्टर-14 एरिया में हिताची कैश मैनेजमेंट सर्विसेज के दो कस्टोडियन कर्मचारियों द्वारा एक प्राइवेट बैंक के एटीएम से दस लाख रुपए की नकदी चुराने का मामला सामने आया है।

गुड़गांव, (ब्यूरो): सेक्टर-14 एरिया में हिताची कैश मैनेजमेंट सर्विसेज के दो कस्टोडियन कर्मचारियों द्वारा एक प्राइवेट बैंक के एटीएम से दस लाख रुपए की नकदी चुराने का मामला सामने आया है। कंपनी की गुरुग्राम शाखा में मैनेजर-लीगल, इन्वेस्टिगेशन एंड सिक्योरिटी महक गुप्ता ने दोनों कर्मचारियों के खिलाफ सेक्टर 14 थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है।

गुरुग्राम की ताजा खबरों के लिए लिंक https://www.facebook.com/KesariGurugram पर क्लिक करें। 


पुलिस को दी शिकायत में महक गुप्ता ने बताया कि हिताची एक कैश रिप्लेसमेंट एजेंसी है। जो बैंकों के एटीएम में नकदी भराई, प्रोसेसिंग, ट्रांसपोर्टेशन और मैनेजमेंट सेवाएं प्रदान करती है। जिसके दो कर्मचारी अतुल व आदित्य राज को कंपनी की तरफ से एटीएम एक्सेस की, पासवर्ड, सेफ डोर एक्सेस और कैसेट हैंडलिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसलिए उन्हें एटीएम का पूरा एक्सेस मिला हुआ था। उन्होंने 18 अक्टूबर 2025 को गुरुग्राम बस स्टैंड के सामने श्री राम होटल रेस्त्रां के साथ लगे एटीएम से दस लाख रुपए की चोरी की। लेकिन कंपनी को कंपनी की नियमित रिकॉन्सिलेशन, एनालिसिस और डिपॉजिट पैटर्न जांच में चोरी का पता नवंबर के अंत में चला। वहीं अतुल 19 अक्तूबर को कंपनी में बिना बताए फरार हो गया। वहीं आदित्य राज भी अक्तूबर माह में से फरार है।


25 लाख की बजाय 15 लाख किए जमा:
आरोपियों ने अपने एंड्रॉयड फोन पर ओवर द काउंटर यानि ओटीसी के जरिए एटीएम सेफ डोर खोला और री-साइक्लर कैसेट्स तक एक्सेस लिया। रिप्लेसमेंट के लिए दी गई 25 लाख की नकदी में से 10 लाख निकाल लिए। यहीं नहीं सुबह 9 से 10 बजे के बीच चोरी की राशि दूसरे खातों में उसी एटीएम से जमा की, जबकि एटीएम वॉल्ट खुला हुआ था। आरोपियों ने केवल 15 लाख रुपए एटीएम में लोड किए, लेकिन सिस्टम में फर्जी 25 लाख अपडेट कर दिया। उन्होंने एडमिन काउंटर क्लियर कर इस प्रोसेस का सेशन टर्मिनेट किया, 10 लाख का शॉर्टेज छिपाया और रिकॉर्ड में हेरफेर की। इसके बाद वे सेफ बंद कर फरार हो गए। आरोपियों ने 3,67,500  शैलेंद्र सिंह राजावत के खाते में जमा करवाएं। जबकि 6,32,500 अतुल ने अपने भाई रवि बाबू के खाते में जमा किए। रुपए की शॉर्टेज 27 नवंबर 2025 को सिस्टम से एक ईमेल मिलने पर पता चला। जिससे चोरी की पुष्टि हुई। पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

 

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!