कवर्ड गोदाम खाली, खुले में पड़ी गेहूं

Edited By Rakhi Yadav, Updated: 11 May, 2018 07:39 AM

covered warehouse empty wheat lying in the open

सिरसा, करनाल, कुरुक्षेत्र एवं फतेहाबाद के करीब 3933 मीट्रिक टन को साल 2016 के फरवरी माह में 50 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से नीलाम किया गया। वजह से हरियाणा की विभिन्न खरीद एजैंसियों की ओर से खुले आसमान......

सिरसा(ब्यूरो): सिरसा, करनाल, कुरुक्षेत्र एवं फतेहाबाद के करीब 3933 मीट्रिक टन को साल 2016 के फरवरी माह में 50 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से नीलाम किया गया। वजह से हरियाणा की विभिन्न खरीद एजैंसियों की ओर से खुले आसमान तले रखा गया यह गेहूं खराब हो गया था और खाने लायक नहीं रहा था। हर साल हरियाणा में लाखों मीट्रिक टन गेहूं भीग जाता है। 

हरियाणा में इस समय स्टोरेज के लिए कवर्ड गोदामों की कमी है। हर साल करीब 115 लाख मीट्रिक टन उत्पादन होता है। करीब 54 लाख मीट्रिक टन के गोदाम हैं। कवर्ड गोदामों की कमी और कुछ विभागीय कुप्रबंधों के कारण हर साल लाखों टन अन्न सड़ जाता है। खास बात यह है कि निजी स्तर पर होने वाले टैंडरों में अफसरों की कथित सांठ-गांठ के कारण भी ऐसा होता है। ऐसा ही कुछ हुआ फरवरी माह में हैफेड की ओर से गेहूं की टैंडर प्रक्रिया में।  विभाग की ओर से ऐलनाबाद में गेहूं रखने के लिए टैंडर मांगे गए। हैरानी की बात देखिए यहां पर एक निजी गोदाम संचालक के पास करीब 15 हजार मीट्रिक टन का कवर्ड गोदाम खाली था।

उन्होंने भी टैंडर के लिए आवेदन किया। विभाग की ओर से कवर्ड गोदाम की बजाय ऐलनाबाद में ही 2 ओपन गोदाम को गेहूं भंडारण के लिए दे दिया जिस गोदाम में भंडारण के लिए दिया गया है, वहां पर कोई कवर नहीं है। खुले आसमान तले हजारों मीट्रिक टन गेहूं पड़ा है जबकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तेज बरसात, अंधड़ की संभावना जताई है। इससे पहले भी ऐलनाबाद में 3 दिन पहले भी बरसात हो चुकी है। खास बात यह है कि मौसम विभाग और हरियाणा कृषि विवि की ओर से किसानों को खेत में गेहूं के भूसा निपटान, तूड़ी के भंडारण करने का सुझाव दिया जा रहा है, वहीं सरकारी स्तर पर लापरवाही का आलम है कि हजारों मीट्रिक टन गेहूं खुले आसमान तले पड़ी है। 
 
 

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