Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 19 Oct, 2026 07:51 PM

कोविड-19 के उपचार का बीमा क्लेम खारिज करने पर आईसीआईसीआई लोम्बार्ड बीमा कंपनी अब ब्याज के साथ रुपये वापस करेगी। कंपनी ने दस्तावेज पूरे न मिलने का हवाला देकर क्लेम खारिज किया था। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने दिया...
गुड़गांव, (ब्यूरो): कोविड-19 के उपचार का बीमा क्लेम खारिज करने पर आईसीआईसीआई लोम्बार्ड बीमा कंपनी अब ब्याज के साथ रुपये वापस करेगी। कंपनी ने दस्तावेज पूरे न मिलने का हवाला देकर क्लेम खारिज किया था। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने दिया है।
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सेक्टर-10ए निवासी ओंकार नाथ कश्यप ने आयोग में दायर की याचिका में बताया कि उन्हें कोरोना संक्रमण हाेने के कारण 22 अप्रैल 2021 से 3 मई 2021 तक सेक्टर-104 स्थित शिवाय हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे। उनका इलाज डॉ. संजय की देखरेख में हुआ। उपचार पर 1.29 लाख रुपये का खर्चा आया था। उन्होंने 30 मई 2021 को बीमा कंपनी को क्लेम पास करने के लिए याचिका दायर की।
बीमा कंपनी ने जब अस्पताल के पास ई-मेल भेजकर शिकायतकर्ता के उपचार के बारे में पूछा तो अस्पताल प्रबंधन की तरफ से कहा गया कि शिकायतकर्ता का उपचार ओपीडी में किया गया है आईपीडी में नहीं। इसके आधार पर कंपनी ने आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने का हवाला देते हुए उनका क्लेम खारिज कर दिया। शिकायतकर्ता का पक्ष था कि अस्पताल से समय पर सभी दस्तावेज नहीं मिलने के कारण वह आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं कर पाए थे।
मामले की सुनवाई के दौरान आयोग के सामने आया कि बीमा कंपनी की तरफ से ईमेल के जवाब में संबंधित डॉक्टर ने शुरुआत में मरीज का ओपीडी में इलाज होने की बात कही थी। दूसरी ओर, अस्पताल की ओर से जारी आधिकारिक बिल में मरीज के आईपीपीडी (इन-पेशेंट केयर) के तहत भर्ती रहने का स्पष्ट उल्लेख था। आयोग ने अस्पताल के आधिकारिक बिल के आधार पर कंपनी काे आदेश दिया है कि वह 1.29 लाख रुपये नौ प्रतिशत की दर से दिए जाएं। इसके साथ ही इस दौरान शिकायतकर्ता को हुई मानसिक परेशानी होने पर 30 हजार रुपये का मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया पर हुए खर्च के लिए 22 हजार रुपये देने का आदेश दिया है।