सिख समाज का दिल जीतने की कवायद में नजर आ रहे सीएम सैनी

Edited By Yakeen Kumar, Updated: 29 Aug, 2025 09:44 PM

cm saini seems to be trying to win hearts of sikh community

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से लगातार लिए जा रहे फैसलों से जहां आमजन को राहत मिली है तो हरियाणा में लागू की जा रही इन नीतियों का असर पड़ौसी प्रांत पंजाब में भी देखने को मिल रहा है

चंडीगढ़ (संजय अरोड़ा): हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से लगातार लिए जा रहे फैसलों से जहां आमजन को राहत मिली है तो हरियाणा में लागू की जा रही इन नीतियों का असर पड़ौसी प्रांत पंजाब में भी देखने को मिल रहा है, क्योंकि हरियाणा में हो रहे इन फैसलों से पंजाब के भाजपाई इस बात को लेकर उत्साहित हैं कि 2027 के विधानसभा चुनाव में यदि पंजाब में भाजपा की सरकार बनती हैं तो पंजाब में भी हरियाणा की तरह जनहितैषी नीतियां लागू होने से आमजन को इसका फायदा मिलेगा।

अभी हाल में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 1984 के सिख दंगों में मारे  गए 121 के सदस्यों को सरकारी नौकरी देने का निर्णय लिया है तो महिलाओं को 1 सितंबर से 2100 रुपए मासिक मानदेय देने का भी ऐलान कर दिया है। खास बात यह है कि 1984 के सिख दंगों में मारे गए हरियाणा के 121 सदस्यों के पारिवारिक सदस्यों को नौकरी देने के फैसले के बाद सिख समाज के लोग मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार जताने के लिए लगातार उनके आवास पर पहुंच रहे हैं। सियासी विश£ेषक मानते हैं कि सिख समाज के हित में निर्णय लेकर मुख्यमंत्री नायब सैनी सिख समाज का दिल जीतने की कवायद में जुटे हैं।

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 उल्लेखनीय है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने महिलाओं को 1100 रुपए जबकि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने 1500 रुपए मासिक देने का फैसला किया था, लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया है। ऐसे में हरियाणा द्वारा पंडित दीन दयाल उपाध्याय लाडो लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को 2100 रुपए मासिक देने का बड़ा फैसला पंजाब के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश की सियासत को भी प्रभावित करने वाला साबित हो सकता है। गौरतलब है कि पंजाब में फरवरी 2027 में विधानसभा के चुनाव होने हैं। इससे पहले फरवरी 2022 में हुए पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 42.01 फीसदी वोटों के साथ 92 सीटों पर जीत हासिल की थी। 22.98 प्रतिशत वोटों के साथ कांग्रेस के 18 विधायक निर्वाचित हुए थे। शिरोमणि अकाली दल के 3 विधायक चुने गए थे और 1 आजाद उम्मीदवार विधायक चुना गया था। बसपा को 1.77 फीसदी वोट के साथ 1 सीट पर जीत मिली तो भारतीय जनता पार्टी को 6.60 प्रतिशत वोट तो मिले, लेकिन 2 ही सीटों पर जीत मिली थी। इसी साल के शुरूआत में लंबे समय बाद दिल्ली में सत्ता में आने और पिछले साल हरियाणा में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के बाद भाजपा का पूरा फोकस अब पंजाब पर है। भाजपा हरियाण के फेसबुक पेज पर शेयर की गई एक पोस्ट में लिखा गया है कि ‘सिख सरदारी ने प्रदेश के नायाब मुख्यमंत्री से मिलकर उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा ने फिर सिख हितैषी होने का प्रमाण दिया। 1984 के सिख कत्लेआम के पीडि़त परिवारों को हरियाणा सरकार ने नौकरी देने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। पहले 1984 के सिख कत्लेआम के दोषियों को सजा दिलाने का काम भाजपा ने किया। 1984 में हुए दंगों के दौरान हरियाणा में जिन सिख परिवारों ने अपने मुखिया को खोया है, उनके पीडि़त परिवार के एक सदस्य को यथोचित नौकरी दी जाएगी। नौकरी के इच्छुक परिवार अपने जिला के उपायुक्त के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।’

पंजाब में अभी से चुनावी मोड में आए राजनीतिक दल

पंजाब में वर्ष 2027 की शुरूआत में 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव होने हैं। इन चुनावों को लेकर पंजाब के राजनीतिक दल अभी से चुनावी मोड पर आ गए हैं। भारतीय जनता पार्टी पंजाब में अभी तक शिरोमणि अकाली दल के सहारे सत्ता में आती रही है लेकिन वर्तमान में अकाली दल व भाजपा अलग-अलग राह पर चल रहे हैं। दूसरी तरफ हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी लगातार तीसरी बार सत्ता में आई है। हरियाणा में पहले दो चुनावों के मुकाबले भाजपा को तीसरे चुनाव में अधिक सीटों पर जीत हासिल हुई है। पंजाब के फिरोजपुर, मुक्तसर, मानसा, भटिंडा, संगरूर, पटियाला, मोहाली जिले हरियाणा से सटे हुए हैं। हरियाणा के सिरसा, फतेहाबाद, जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र, अंबाला और पंचकूला जिले पंजाब के जिलों के साथ अपनी सीमाएं सांझा करते हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी द्वारा पिछले दिनों लिए गए फैसलों से इन दिनों पंजाब की राजनीति पर भी असर नजर आ रहा है। पंजाब की राजनीति पर वर्ष 1984 में हुए दंगों का प्रभाव आज भी दिखाई देता है। वर्ष 1984 में हुए दंगों में हरियाणा के 121 लोगों की मौत हुई थी। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए सभी 121 परिवारों के वर्तमान सदस्य को उनकी सहमति से प्राथमिकता के आधार पर नौकरी देने का फैसला किया है। इसके अलावा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर शहीदी वर्ष को गरिमापूर्ण ढंग से मनाने का फैसला किया है। अपनी यात्राओं के दौरान गुरु साहिब ने कुरुक्षेत्र, पिहोवा, कैथल, जींद, अंबाला, चीका और रोहतक में आकर इस भूमि को पवित्र किया था। सरकार इन क्षेत्रों के कार्यक्रमों की रूपरेखा को भी  जल्द जारी करेगी।

हरियाणा के माध्यम से पंजाब में सियासी संदेश दे रही भाजपा

उल्लेखनीय है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी ने चुनाव से पहले महिलाओं को हर माह 1100 रुपए देने का ऐलान किया था, वहीं हरियाणा के पड़ौसी राज्य हिमाचल में कांग्रेस ने महिलाओं को 1500 रुपए महीना देने का ऐलान किया था। दोनों सरकारों का आधा-आधा कार्यकाल बीत चुका है, लेकिन अभी तक इस योजना को लागू करने की दिशा में कोई प्रयास नहीं हुआ है। दूसरी तरफ हरियाणा में भाजपा सरकार ने अपने पहले ही साल में इस योजना को लागू करके आम आदमी पार्टी तथा कांग्रेस को मुद्दा विहीन करते हुए सवाल खड़ा कर दिया है। हरियाणा के इन फैसलों का सीधा असर पंजाब की राजनीति पर हो रहा है। सियासी विश£ेषक मानते हैं कि मुख्यमंत्री नायब सैनी द्वारा लिए गए फैसलों से भारतीय जनता पार्टी को पंजाब में मजबूत मैदान मिल गया है और भाजपा हरियाणा के फैसलों से पंजाब में सियासी संदेश देने का प्रयास करती हुई नजर आ रही है। पंजाब भाजपा के नेता पड़ौसी राज्य की सरकार द्वारा लिए जा रहे फैसलों को भुनाकर जनता से सीधा संवाद कर रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि हरियाणा के फैसलों से पंजाब में भाजपा की राह अगले चुनाव में आसान हो सकती है। 

कई बार पंजाब का दौरा कर चुके हैं मुख्यमंत्री सैनी

अहम बात यह है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी पिछले कुछ समय में कई बार पंजाब का दौरा कर चुके हैं। नायब सैनी का पंजाब में प्रवेश उस समय हुआ जब पंजाब में भाजपा द्वारा सदस्यता अभियान चलाया जा रहा था। नायब सैनी ने पंजाब भाजपा कार्यालय जाकर अभियान का जायजा लिया और भाजपा के साथ जुड़े लुधियाना व अमृतसर के लोगों से बातचीत की। इसके बाद चंडीगढ़ से सटे जीरकपुर व डेराबस्सी में कार्यक्रमों के दौरान कई जनप्रतिनिधियों को भाजपा में शामिल करवाया। मुख्यमंत्री नायब सैनी बैसाखी के अवसर पर आनंदपुर साहिब गए तो उन्होंने जालंधर के निकट राधा स्वामी सत्संग ब्यास सहित अनेक धर्मस्थलों का भी दौरा किया। नायब सैनी जालंधर में हुए धार्मिक कार्यक्रम का हिस्सा बने वहीं शहीद उधम सिंह की जयंती के अवसर पर सुनाम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके अलावा पंजाब में भाजपा नेता मनोरंजन कालिया के घर पर हुए ग्रेनेड हमले के बाद भी नायब सैनी जालंधर पहुंचे। पंजाब के सीमावर्ती जिलों के जनप्रतिनिधि नियमित रूप से चंडीगढ़ मुख्यमंत्री आवास पर आकर पंजाब के कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री सैनी को आमंत्रित कर रहे हैं। इसके अलावा पिछले दिनों पंजाब के लुधियाना पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र में हुए उपचुनाव में भी मुख्यमंत्री नायब सैनी विशेष तौर पर प्रचार के लिए पहुंचे थे। इसी तरह पंजाबी फिल्मों के प्रसिद्ध अभिनेता जसविंद्र भल्ला के निधन पर भी शोक व्यक्त करने मुख्यमंत्री सैनी वीरवार को उनके मोहाली स्थित आवास पर पहुंचे थे।

मुख्यमंत्री ने समझा सिख समाज का दर्द: डा. प्रभलीन सिंह

मुख्यमंत्री के ओ.एस.डी. डा. प्रभलीन सिंह का कहना है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से 1984 के दंगों में मारे गए सिख परिवारों के सदस्यों को नौकरी देने का फैसला जहां इन परिवारों को राहत देने वाला है तो वहीं हरियाणा ऐसा पहला प्रदेश है जहां की सरकार ने सिख समाज के दर्द को समझा है। उन्होंने कहा कि इस फैसले का हरियाणा के सिख परिवारों ने ही नहीं बल्कि विश्व भर में सिख समाज ने स्वागत किया है। प्रभलीन सिंह ने कहा कि इसके अलावा हरियाणा सरकार द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब का 350वां शहीदी दिवस मनाने का फैसला भी एक बड़ा निर्णय है, इसका भी सर्वत्र स्वागत हो रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा इस मामले में भी पहला प्रदेश है, जिसने इस संबंध में विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया है और इस प्रस्ताव का विपक्ष ने भी पूरा समर्थन किया और इस पर सर्वसम्मति की मोहर लगी और पूरे विश्व में इस फैसले का सिख समाज व गैर सिख समाज ने भी स्वागत किया। प्रभलीन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने तो यहां तक भी कहा है कि सिख समाज या समाज की किसी संस्था के लिए हरियाणा सरकार की ओर से कभी भी कोई सहयोग की जरूरत होगी तो हम हमेशा तत्पर रहेंगे।
 

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