हरियाणा में आरसी फर्जीवाड़ा: पिछले दो साल से टैक्स बचाने के लिए चल रहा था गाड़ियों का गोरखधंधा

Edited By Manisha rana, Updated: 22 Jan, 2021 03:42 PM

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सीआईए सिरसा पुलिस ने गाड़ियों की फर्जी RC बनाने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना को काबू करने में बड़ी सफलता हासिल की है। डीएसपी कुलदीप सिंह बेनीवाल ने बताया कि पकड़े गए आरोपी की पहचान...

सिरसा (सतनाम) : सीआईए सिरसा पुलिस ने गाड़ियों की फर्जी RC बनाने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना को काबू करने में बड़ी सफलता हासिल की है। डीएसपी कुलदीप सिंह बेनीवाल ने बताया कि पकड़े गए आरोपी की पहचान सुनील कुमार उर्फ आशु पुत्र हरीश चंद्र वासी सुभाष नगर रोहतक के रूप में हुई है। फ़िलहाल पुलिस ने आरोपी से 17 गाड़ियां बरामद की है। पुलिस का दावा है कि अभी जाँच में सेंकडों गाड़ियां बरामद की जाएगी जिनकी फर्जी आर सी बनाई गई है।
 
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डीएसपी कुलदीप बेनीवाल ने बताया कि आरोपी से पूछताछ पर पता चला कि आरोपी बैंकों की फाइनेंस वाली गाड़ियों को महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल व कर्नाटक से ऑनलाइन बोली के माध्यम से खरीदता है। फिर सरकारी टैक्स बचाने के लिए फर्जी बैंक अथॉरिटी प्रमाण पत्र खुद तैयार करता है, जिसके लिए गाड़ी के नंबर से भी छेड़छाड़ की जाती है। ताकि ऑनलाइन नंबर डालने से गाड़ी का पुराना नंबर शो ना हो व मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर की भी नकली रिपोर्ट खुद तैयार करके फर्जी हस्ताक्षर किए जाते हैं। गाड़ी को MVI ( मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर) से पास न करवाकर खुद ही फर्जी तरीके से पास कर लिया जाता है।

इस फर्जीवाड़े में रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी व सरल केन्द्र जगाधरी में इन्चार्ज अमित कुमार पुत्र देवेन्द्र कुमार वासी लक्ष्मी नगर यमुनानगर आरोपी से मिला हुआ था जो 60/65 हजार रुपये प्रति गाड़ी को लेकर फर्जी तरीके से गाड़ियां पास करवाता था।इसके अलावा विभाग से अन्य कर्मचारी जुड़े होने की संभावना है, जिसकी पुलिस जाँच कर रही है। डीएसपी ने बताया इन्होंने पिछले 2 साल में बहुत बड़ी मात्रा में फर्जी तरीके से गाड़ियां पास करवाई हैं। सीआईए टीम ने अब तक आरोपी सुनील की निशानदेही पर 17 फर्जी गाड़ियां बरामद कर ली हैं। आरोपी आज तक पुलिस रिमांड पर था जिसे आज पेश अदालत करके दोबारा पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों को काबू किया जाएगा व फर्जी गाड़ियों की बरामदगी की जाएगी। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह से कई बड़े लोग जुड़े हो सकते है। 

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