BSF जवान शिवानी प्रजापति ने रचा इतिहास, जिसको पाने में लगते हैं 18 साल, उस मुकाम को पांच 5 महीने में किया हासिल

Edited By Isha, Updated: 24 Oct, 2025 11:43 AM

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एएनआइ सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के छह दशक के इतिहास में एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल करते हुए एक युवा कांस्टेबल को बल में शामिल होने के मात्र पांच महीनों के भीतर बिना बारी के (आउट आफ टर्न) पदोन्नति मिली है

डेस्क: एएनआइ सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के छह दशक के इतिहास में एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल करते हुए एक युवा कांस्टेबल को बल में शामिल होने के मात्र पांच महीनों के भीतर बिना बारी के (आउट आफ टर्न) पदोन्नति मिली है। यह एक ऐसा मील का पत्थर है जो भारत के किसी भी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में पहले कभी नहीं देखा गया। 

उत्तर प्रदेश में दादरी निवासी बढ़ई की बेटी शिवानी ने बीएसएफ में इतनी तेजी से पहचान हासिल करने वाली पहली महिला कांस्टेबल के रूप में इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है। 31 अगस्त से आठ सितंबर, 2025 तक ब्राजील में आयोजित 17वीं विश्व वुशु चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने की उल्लेखनीय उपलब्धि के बाद उन्हें हेड कांस्टेबल के पद पर पदोन्नत किया गया है।


बहुत ही कम लोगों को मिलता है ऐसा दुर्लभ अवसर बीएसएफ
शिवानी के असाधारण प्रदर्शन की सराहना करते हुए महानिदे ने कहा, वह बीएसएफ की एक उत्कृष्ट खिलाड़ी है। निश्चित रूप से यह दुर्लभ अवसर है जो बहुत कम लोगों को मिलता है। यह खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करता है। आउट आफ टर्न पदोन्नति के प्रविधान का लाभ उठाकर वे अपनी सेवा में उन्नति प्राप्त कर सकते हैं। यह न केवल उनके लिए, बल्कि उनके परिवारों और समग्र समाज के लिए भी लाभकारी
 

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