Edited By Isha, Updated: 16 Aug, 2026 08:15 PM

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल का सार्वजनिक जीवन जितना अनुशासित और नियम-कायदों के पालन के लिए जाना जाता है, उतना ही उनका सहज, सरल और जिंदादिल व्यक्तित्व
चंडीगढ़( चन्द्र शेखर धरणी): केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल का सार्वजनिक जीवन जितना अनुशासित और नियम-कायदों के पालन के लिए जाना जाता है, उतना ही उनका सहज, सरल और जिंदादिल व्यक्तित्व भी लोगों को आकर्षित करता रहा है। सामान्य जीवन में वाहनों के प्रति उनका लगाव किसी से छिपा नहीं है। साइकिल, स्कूटर और मोटरसाइकिल चलाने में उन्हें कोई झिझक नहीं होती और खास तौर पर मोटरसाइकिल की सवारी उन्हें पसंद है। लेकिन इस शौक के साथ अनुशासन उनके व्यक्तित्व का अभिन्न हिस्सा है।
मनोहर लाल जब भी मोटरसाइकिल या किसी अन्य वाहन की सवारी करते हैं, सुरक्षा नियमों का पालन करना नहीं भूलते। हाल ही में निकाली गई तिरंगा यात्रा में भी इसका उदाहरण देखने को मिला। बाइक पर सवार होने से पहले उन्होंने सबसे पहले हेलमेट पहना। इसके बाद मोटरसाइकिल पर बैठकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। उनका यह छोटा-सा व्यवहार भी यह संदेश देने वाला रहा कि उत्साह और उमंग के बीच सुरक्षा नियमों से समझौता नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री रहते हुए भी आम लोगों के बीच रहे सहज
हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में करीब नौ वर्षों के कार्यकाल में मनोहर लाल की कार्यशैली के अनेक ऐसे पहलू सामने आए, जो उन्हें पारंपरिक राजनीतिक छवि से अलग बनाते रहे। मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारियों के बावजूद उन्होंने खुद को आम आदमी से दूर रखने के बजाय जनता के बीच सहज रूप से मौजूद रखने की कोशिश की।
उनकी कार्यशैली में सादगी और अनुशासन के साथ ऊर्जा का भी अलग मेल दिखाई देता रहा। सरकारी बैठकों और प्रशासनिक कार्यक्रमों से इतर कई मौकों पर उनका अलग अंदाज सामने आया। कभी वह साइकिल चलाते नजर आए तो कभी बुलेट मोटरसाइकिल पर। साहसिक गतिविधियों में उनकी रुचि ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
यही वजह रही कि मनोहर लाल की तस्वीर और वीडियो जब इस तरह के अलग अंदाज में सामने आए तो सोशल मीडिया और मीडिया में भी उनकी चर्चा हुई। उनके लिए ये गतिविधियां केवल प्रचार का माध्यम नहीं बल्कि सहज जीवनशैली का हिस्सा नजर आती रहीं।

करनाल में बुलेट की सवारी ने खींचा ध्यान
अपने पुराने विधानसभा क्षेत्र और बाद में लोकसभा क्षेत्र रहे करनाल में मनोहर लाल का बुलेट मोटरसाइकिल से एयरपोर्ट पहुंचना भी खासा चर्चित रहा। मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर रहने वाले व्यक्ति का इस तरह मोटरसाइकिल चलाकर आम लोगों के बीच पहुंचना अपने आप में अलग दृश्य था।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह संदेश दिया कि राजनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच भी व्यक्ति अपनी सहजता और रुचियों को जीवंत रख सकता है। यही सहजता मनोहर लाल की सार्वजनिक छवि का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनी।
टिक्करताल में दिखी जिंदादिली
पंचकूला के टिक्करताल और मोरनी क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान भी मनोहर लाल का अलग अंदाज देखने को मिला। उद्घाटन समारोहों में उन्होंने जेट स्कूटर सहित कई एडवेंचर गतिविधियों में हिस्सा लेकर लोगों को चौंकाया।
खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति का इस तरह साहसिक गतिविधियों में शामिल होना आम दृश्य नहीं है। यही कारण रहा कि मौके पर मौजूद लोगों के साथ-साथ मीडिया का ध्यान भी उनकी ओर गया।
बिना प्रशिक्षण वाटर स्कूटर चलाकर चौंकाया
मनोहर लाल की वाटर स्कूटर की सवारी का प्रसंग भी उनके जिंदादिल व्यक्तित्व को सामने लाता है। बताया जाता है कि पहली बार वाटर स्कूटर चलाने से पहले उन्होंने इसके लिए कोई विशेष प्रशिक्षण नहीं लिया था। सुरक्षा में तैनात अधिकारियों के लिए यह स्थिति स्वाभाविक रूप से चिंता का विषय रही होगी, क्योंकि मुख्यमंत्री की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है।
इसके बावजूद मनोहर लाल ने पूरे आत्मविश्वास और संजीदगी के साथ वाटर स्कूटर चलाया। पहली बार इस तरह की गतिविधि करने के बावजूद उन्होंने इसे सहजता से पूरा किया। इस दृश्य ने लोगों को उनके व्यक्तित्व का एक ऐसा पक्ष दिखाया, जो सामान्य राजनीतिक कार्यक्रमों में दिखाई नहीं देता।
सादगी, अनुशासन और साहस का संगम
मनोहर लाल की इन गतिविधियों को केवल उनके वाहन प्रेम या एडवेंचर के शौक तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता। इनमें उनके व्यक्तित्व के तीन अलग-अलग पहलू एक साथ दिखाई देते हैं—सादगी, अनुशासन और जिंदादिली।
एक ओर वह हेलमेट पहनकर यातायात नियमों का पालन करने का संदेश देते हैं, वहीं दूसरी ओर साइकिल से लेकर बुलेट और वाटर स्कूटर तक खुद गतिविधियों में शामिल होकर अपने सहज स्वभाव को सामने रखते हैं। उनके सार्वजनिक जीवन में यही संयोजन उन्हें अन्य राजनेताओं से अलग पहचान देता रहा है।
मनोहर लाल का संदेश भी इसी में छिपा नजर आता है कि पद चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, व्यक्ति को अपनी जड़ों, अपनी सहजता और जीवन के छोटे-छोटे आनंद से जुड़ा रहना चाहिए। उनके लिए सादगी केवल भाषणों का विषय नहीं बल्कि व्यवहार का हिस्सा दिखाई देती रही है। यही कारण है कि उनका कभी साइकिल पर तो कभी बुलेट पर और कभी वाटर स्कूटर पर नजर आना लोगों के लिए केवल एक तस्वीर नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व की एक अलग और यादगार झलक बन जाता है।