Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 16 Jan, 2026 06:01 PM
वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा के लिए डीसी अजय कुमार ने शुक्रवार को गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण, नगर निगम गुरुग्राम, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण तथा नगर निगम मानेसर के अधिकारियों के साथ बैठक...
गुड़गांव, (ब्यूरो): वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा के लिए डीसी अजय कुमार ने शुक्रवार को गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण, नगर निगम गुरुग्राम, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण तथा नगर निगम मानेसर के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में गुरुग्राम के लिए निर्धारित वायु गुणवत्ता सुधार योजनाओं, प्रदूषण नियंत्रण उपायों तथा लंबित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
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डीसी अजय कुमार ने सभी विभागों से वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर उनके स्तर पर किए जा रहे कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट लेने के उपरांत कहा कि इस विषय में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग तय समय-सीमा में ठोस, प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी कार्रवाई सुनिश्चित करें। डीसी ने निर्देश दिए कि शहर में वायु प्रदूषण के हॉटस्पॉट्स, विशेषकर यातायात जाम वाले क्षेत्रों की पहचान कर उनके लिए अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक कार्य योजना तैयार की जाए। इस पर नगर निगम के संयुक्त आयुक्त विशाल ने जानकारी दी कि नगर निगम तथा डीसीपी ट्रैफिक द्वारा संयुक्त रूप से 33 हॉटस्पॉट पॉइंट्स की पहचान कर निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। कूड़ा संग्रहण तथा सूखे एवं गीले कचरे के पृथक्करण की गतिविधियां स्वयं सहायता समूहों को सौंपने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि इसके लिए विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से संपर्क किया जा रहा है। इससे विकेंद्रीकृत (डिसेंट्रलाइज्ड) सुविधाओं पर कचरे के पृथक्करण में सुविधा होगी। इस उद्देश्य से एक मॉडल आरएफपी तैयार की जाएगी।
डीसी अजय कुमार ने कहा कि सड़क किनारे धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए जीएमडीए, नगर निगम तथा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा स्थानीय प्रजाति के पौधे एवं घास के रोपण व रखरखाव की ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। इसके साथ ही सड़कों के सुधार, गड्ढों की मरम्मत, मीडियन पर हरियाली तथा एंड-टू-एंड पेवमेंट के कार्यों के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत अवैध उद्योगों, विशेष रूप से वेस्ट टायर से तेल बनाने वाली इकाइयों एवं मानकों का उल्लंघन करने वाली निर्माण गतिविधियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई। इस दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की क्षेत्रीय अधिकारी आकांक्षा तंवर ने बताया कि गुरुग्राम में ऐसी दो इकाइयों की पहचान कर उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करते हुए उन्हें बंद किया गया है।
बैठक में डीसी अजय कुमार ने बंधवाड़ी लेगेसी लैंडफिल के निरीक्षण एवं उसके निस्तारण, निगम क्षेत्र में जल स्रोतों की पहचान व सफाई, निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) कचरे के प्रभावी निस्तारण तथा वायु गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने को लेकर संबंधित विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। डीसी ने यह भी निर्देश दिए कि एचएसपीसीबी द्वारा निरीक्षण किए गए 150 उद्योगों में ओसीईएमएस की स्थापना एवं उत्सर्जन मानकों की सख्ती से समीक्षा की जाए। जहां प्रगति संतोषजनक नहीं पाई जाए, वहां तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए जागरूकता गतिविधियों को प्रभावी बनाने पर विशेष रूप से चर्चा की गई। डीसी अजय कुमार ने निर्देश दिए कि स्कूलों, कॉलेजों, यूनिवर्सिटी तथा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए) को सक्रिय रूप से जोड़ते हुए व्यापक एवं निरंतर जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि जागरूकता गतिविधियाँ केवल कागजी औपचारिकता तक सीमित न रहें, बल्कि डिजिटल माध्यमों एवं फील्ड स्तर की सहभागिता के माध्यम से नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि वायु प्रदूषण नियंत्रण को जन आंदोलन का स्वरूप दिया जा सके।
बैठक में एचएसवीपी की प्रशासक वैशाली सिंह, एडीसी सोनू भट्ट, डीएफओ राजकुमार, गुरुग्राम के एसडीएम परमजीत चहल, सीईओ जिला परिषद सुमित कुमार, एसडीएम बादशाहपुर संजीव सिंगला, एसडीएम पटौदी दिनेश लुहाच, नगर निगम गुरुग्राम से संयुक्त आयुक्त विशाल, एसडीएम मानेसर दर्शन यादव, एसडीएम सोहना अखिलेश यादव, एसीपी ट्रैफिक सत्यपाल, सीटीएम सपना यादव, कार्यकारी अभियंता पीडब्ल्यूडी चरणदीप राणा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी सिद्धार्थ भार्गव तथा आकांक्षा तंवर सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।