Edited By Gaurav Tiwari, Updated: 12 Jan, 2026 08:08 PM

देश भर में सड़क सुरक्षा और कानूनी जवाबदेहिता का महत्व बढ़ रहा है, ऐसे में सेकंड हैंड कार खरीदने और बेचने वालों के लिए कार के दस्तावेज चिंता का मुख्य विषय होते हैं।
गुड़गांव ब्यूरो : देश भर में सड़क सुरक्षा और कानूनी जवाबदेहिता का महत्व बढ़ रहा है, ऐसे में सेकंड हैंड कार खरीदने और बेचने वालों के लिए कार के दस्तावेज चिंता का मुख्य विषय होते हैं। आज उपभोक्ता अनौपचारिक रीसेल चैनलों एवं स्थानीय डीलरों के बजाय ऐसे प्लेटफॉर्म्स को पसंद करते हैं, जहां उन्हें पारदर्शिता, सत्यापित पेपरवर्क और भरोसेमंद परिणाम मिलें। स्पिनी के नए आंकड़े इसी रुझान को दर्शाते हैं। सेकंड हैंड कारों के लिए इस फुल-स्टैक प्लेटफॉर्म ने 12 महीनों के भीतर 95 फीसदी आरसी ट्रांसफर रेट हासिल की है, जिससे कार बेचने के बाद विक्रेता के लिए अनिश्चितता की संभावना कम हुई है। स्पिनी 4.5-स्टार कस्टमर रेटिंग को भी बरकरार रखे हुए है, जो उपभोक्ताओं के भरोसे की पुष्टि करता है।
स्पिनी खरीदार की तरह विक्रेता को भी यही भरोसा प्रदान करती है। इसकी विक्रेता नीतियां उपभोक्ता-उन्मुख दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए बनाई गई हैं, जो समय के साथ कायम रहती हैं। ज्यादातर मामलों में फाइनल पेआउट और ओरिजिनल ऑनलाइन एस्टिमेट में 3–4 फीसदी से अधिक अंतर नहीं होता, जिससे विक्रेता को शुरुआत से ही कीमतों पर स्पष्ट एवं भरोसेमंद पारदर्शिता मिलती है। यह कुछ दूसरे प्लेयर्स से एकदम अलग है, जहां आकर्षक ऑनलाइन कोट्स को कार के इंस्पेक्शन के बाद काफी हद तक कम कर दिया जाता है। असंगठित मार्केट के विपरीत, जहां आरसी ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण विक्रेता पर ट्रैफिक चालान, गलत इस्तेमाल एवं कानूनी नोटिस की जिम्मेदारी आ सकती है, स्पिनी सुनिश्चित करता है कि हर लेनदेन के दस्तावेज पूरे हों तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के नियमों के अनुरूप हों।
सभी मुख्य दस्तावेज जैसे आधार, पैन, बैंक विवरण एवं हस्ताक्षरित एग्रीमेंट को – खरीदार एवं विक्रेता दोनों के लिए सत्यापित किया जाता है। तथा आरसी ट्रांसफर को डिजिटल तरीके से ट्रैक किया जाता है। स्पिनी की सेलर प्रोटेक्शन पॉलिसी डिलीवरी एवं आरसी ट्रांसफर की बीच की अवधि में विक्रेता को सुरक्षित रखती है। इसके तहत चालान, गलत इस्तेमाल, कानूनी विवाद को कवर किया जाता है, दस्तावेजों के लिए पूरा सहयोग दिया जाता है। हालांकि स्थानीय डीलरों एवं अन्य संगठित प्लेटफॉर्म्स से ऐसी सुरक्षा आमतौर पर नहीं मिलती। इंस्पेक्शन, कीमत निर्धारण, दस्तावेज एवं अनुपालन के प्रबंधन द्वारा स्पिनी अनुमान के अनुसार पेआउट, कानूनी मामलों का जल्द निपटान एवं उपभोक्ताओं के अनुकूल अनुभव प्रदान करता है। इस तरह से स्पिनी भारत के सेकंड हैंड कार मार्केट में नए मानक स्थापित कर रहा है।