ऑर्थोपेडिक्स और जॉइंट केयर के लिए नेक्स्ट जेनरेशन रोबोटिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस*-मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स गुरूग्राम ने लॉन्च किया 'मार्क'

Edited By Gaurav Tiwari, Updated: 04 Jan, 2026 08:12 PM

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मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स, गुरुग्राम ने अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में मार्क (मैरिंगो एशिया रोबोटिक सेंटर फॉर ऑर्थोपेडिक्स एंड जॉइंट केयर) लॉन्च किया है।

गुड़गांव, ब्यूरो: मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स, गुरुग्राम ने अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में मार्क (मैरिंगो एशिया रोबोटिक सेंटर फॉर ऑर्थोपेडिक्स एंड जॉइंट केयर) लॉन्च किया है। इसे ज्यादा सटीक, अनुमानित नतीजों और ज्यादा ह्यूमन सेंटर्ड एप्रोच के साथ इलाज को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। एक क्लिनिकल फैसिलिटी होने के साथ-साथ मार्क वॉल्यूम ड्रिवन (संख्या आधारित) हेल्थकेयर से वैल्यू बेस्ड (मूल्य आधारित) नतीजों की ओर, स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट मॉडल से पर्सनलाइज्ड केयर पाथवे की ओर और रूटीन प्रोसीजर से सार्थक रिकवरी की ओर बढ़ते हुए फिलॉसफी में एक मौलिक बदलाव दिखाता है।

 

मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स के फाउंडिंग मेंबर, ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ डॉ. राजीव सिंगल ने कहा, "ऑर्थोपेडिक्स और जॉइंट केयर के लिए मैरिंगो एशिया रोबोटिक सेंटर का लॉन्च हमारे ग्रुप के मिशन में एक अहम कदम है। रोबोटिक-असिस्टेड ऑर्थोपेडिक्स सिर्फ टेक्नोलॉजी की बात नहीं है। इससे निरंतरता, सटीकता एवं पूर्वानुमान में भी मदद मिलती है, जिससे सर्जन को बेहतर फंक्शनल नतीजे देने और मरीजों को आत्मविश्वास के साथ ठीक होने में मदद मिलती है। मैं हमारे क्लिनिशियन, टेक्नोलॉजी पार्टनर और ऑपरेशंस से जुड़ी टीमों को बधाई देता हूं। सभी के सामूहिक प्रयास से यह सपना साकार हुआ है। यह सहयोग क्लिनिकल सख्ती, टीम वर्क और स्थायी प्रभाव की हमारी संस्कृति का प्रतीक है।"

 

एक डेडिकेटेड ऑर्थोपेडिक इकोसिस्टम के तौर पर स्थापित मार्क से एविडेंस-बेस्ड, प्रोटोकॉल-ड्रिवन केयर, रिंग-फेन्स्ड क्लिनिकल पाथवे, स्पेशलाइज्ड नर्सिंग और एक पूरा रिकवरी फ्रेमवर्क मिलता है। इसे एक मजबूत एकेडमिक और ट्रेनिंग फाउंडेशन का सपोर्ट भी है। इसमें ग्लोबल फेलोशिप, डीएनबी, एमआरसीएस (यूके) और एमसीएच प्रोग्राम शामिल हैं। साथ ही अंतरराष्ट्रीय मानक सुनिश्चित करने के लिए नियमित तौर पर क्लिनिकल ऑडिट भी होते हैं। मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स, गुरुग्राम के वाइस प्रेसिडेंट और फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. सौरभ लाल ने कहा, “एक डेडिकेटेड ऑर्थोपेडिक इकोसिस्टम के तौर पर मार्क को सोच-समझकर डिजाइन किया गया है। इसमें रिंग-फेन्स्ड क्लिनिकल पाथवे, स्पेशलाइज्ड नर्सिंग टीमें और स्ट्रक्चर्ड रिहैबिलिटेशन प्रोटोकॉल शामिल हैं। यह इंटीग्रेटेड मॉडल सुरक्षित प्रोसीजर, आसान रिकवरी और मरीजों को लगातार उच्च स्तर का अनुभव देगा।”

 

मार्क से जॉइंट को बचाने, जॉइंट रिप्लेसमेंट, पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स, डिफॉर्मिटी करेक्शन, रीजनरेटिव ऑर्थोपेडिक्स, ट्रॉमा रिकंस्ट्रक्शन और रिहैबिलिटेटिव केयर जैसी सर्विसेज की एक इंटीग्रेटेड रेंज मिलती है। रोबोटिक घुटने और कूल्हे के रिप्लेसमेंट से लेकर मोशन-प्रिजर्विंग प्रोसीजर और नॉन-सर्जिकल रीजनरेटिव थेरेपी तक, मरीज की क्लिनिकल जरूरतों और लाइफस्टाइल के हिसाब से ट्रीटमेंट प्लान बनाए जाते हैं। मैरिंगो एशिया रोबोटिक सेंटर फॉर ऑर्थोपेडिक्स एंड जॉइंट केयर (मार्क) के चेयरमैन डॉ. हेमंत शर्मा ने कहा, "दशकों से सर्जरी की संख्या को हेल्थकेयर में सफलता का मानक माना जाता रहा है। मार्क में हम सफलता को इस बात से मापते हैं कि हमारे मरीज कितने अच्छे से ठीक होते हैं। यह सेंटर भारत और यूके में 30 वर्षों से ज्यादा की सीख को दिखाता है। यह इस विश्वास पर आधारित है कि सच्ची उत्कृष्टता तब हासिल होती है, जब करुणा के साथ सटीकता की ओर बढ़ा जाता है और टेक्नोलॉजी इंसान के फैसले की जगह नहीं लेती, बल्कि उसे मजबूत करती है।"

सीनियर कंसल्टेंट से लेकर स्पेशलिस्ट नर्स, फिजिशियन असिस्टेंट, प्रोसीजर स्टाफ और फिजियोथेरेपिस्ट तक, मार्क की टीम का हर सदस्य एक तय भूमिका निभाता है। इससे कोऑर्डिनेटेड केयर, क्लिनिकल सटीकता और तेज एवं सुरक्षित रिकवरी सुनिश्चित होती है। गुरुग्राम में मार्क के लॉन्च के साथ मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स ने वर्ल्ड-क्लास सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की अपनी प्रतिबद्धता को मजबूती दी है। इससे न सिर्फ सर्जिकल नतीजे मिलते हैं, बल्कि मोबिलिटी, स्वतंत्रता और जीवन की गुणवत्ता में स्थायी सुधार भी आता है। यह सेंटर अब पूरी तरह से कार्यरत है और गुरुग्राम, दिल्ली एनसीआर और उसके बाहर के मरीजों की सेवा के लिए तैयार है।

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