आचार्य प्रशांत बोले- "भौतिक प्राप्ति आवश्यक है, पर्याप्त नहीं

Edited By Gaurav Tiwari, Updated: 12 Jul, 2026 07:10 PM

acharya prashant said  material acquisition is necessary but not sufficient

आचार्य प्रशांत ने कहा कि भारत का आध्यात्मिक ज्ञान आज पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक है।

गुड़गांव, ब्यूरो : दार्शनिक और लेखक आचार्य प्रशांत ब्रिटेन दौरे का दूसरा चरण पूरा कर भारत लौट आए हैं। आईजीआई एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य पश्चिम को भारत के असली दर्शन और आध्यात्मिक सोच से परिचित कराना था। उन्होंने कहा, "भौतिक प्राप्ति जरूरी है, लेकिन जीवन के लिए केवल वही पर्याप्त नहीं है। ब्रिटेन दौरे के दौरान आचार्य प्रशांत ने कैंब्रिज, ऑक्सफोर्ड, यूसीएल और एलएसई समेत कई प्रतिष्ठित संस्थानों में भारतीय दर्शन, भगवद्गीता, अहिंसा और आत्मबोध जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। लंदन के ऐतिहासिक सेंट जाइल्स चर्च में भी उन्होंने गीता पर विशेष सत्र लिया, जिसे स्थानीय लोगों ने भी काफी रुचि के साथ सुना।

 

आचार्य प्रशांत ने कहा कि भारत का आध्यात्मिक ज्ञान आज पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक है। पश्चिम के लोग भी अब केवल भौतिक सफलता नहीं, बल्कि शांति, संतुलन और जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम ने भौतिक क्षेत्र में बड़ी प्रगति की है, लेकिन अब वहां भी लोग जीवन के गहरे अर्थ, शांति और आध्यात्मिक समझ की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रेम से बड़ा कोई उद्देश्य नहीं और सत्य से बड़ा कोई मिशन नहीं। आचार्य प्रशांत ने बताया कि ब्रिटेन दौरे का तीसरा चरण सितंबर-अक्टूबर में होगा, जिसमें वे इस बार समयाभाव के कारण छूटे आमंत्रणों को भी स्वीकार करेंगे।

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