Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 21 Jan, 2026 08:54 PM

हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में बुधवार को जिला कारागार भोंडसी में विशेष जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा के दिशा-निर्देशों पर आयोजित इस अदालत ने त्वरित न्याय की मिसाल पेश करते हुए...
गुड़गांव, (ब्यूरो) : हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में बुधवार को जिला कारागार भोंडसी में विशेष जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा के दिशा-निर्देशों पर आयोजित इस अदालत ने त्वरित न्याय की मिसाल पेश करते हुए दस विचाराधीन बंदियों को तत्काल रिहा करने के आदेश दिए।
गुरुग्राम की ताजा खबरों के लिए लिंक https://www.facebook.com/KesariGurugram पर क्लिक करें।
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण (डीएलएसए) के सचिव राकेश कादियान ने जेल लोक अदालत की अध्यक्षता करते हुए मामलों की सुनवाई की। उन्होंने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन विचाराधीन बंदियों को न्यायिक राहत प्रदान करना है जिनके मामले छोटे अपराधों से जुड़े हैं और जो लंबे समय से फैसले का इंतजार कर रहे थे।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने कारागार में संचालित लीगल ऐड क्लीनिक की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि कोई भी बंदी एक साधारण प्रार्थना-पत्र के माध्यम से जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण से निःशुल्क अधिवक्ता की सेवाएं प्राप्त कर सकता है। बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों और विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जागरूक किया गया।
जेल व्यवस्थाओं की समीक्षा और सुधार के निर्देश
सचिव ने महिला बंदियों की बैरकों का विशेष निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं की समीक्षा की। चिकित्सीय सुविधाएं और साक्षरता अभियान, स्वच्छता, रहन-सहन और खान-पान की गुणवत्ता और खेलकूद और मनोरंजन की व्यवस्था के बार में जानकारी हासिल की। सचिव ने जेल प्रशासन को इन व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने यह भी बताया कि आमजन के लिए आपातकालीन राष्ट्रीय कानूनी सहायता हेल्पलाइन 15100 सक्रिय है, जिस पर कॉल करके कोई भी व्यक्ति घर बैठे विधिक सहायता ले सकता है।