छात्र ने ऑनलाइन मंगवाई सल्फास की गोलियां, खाकर हुई मौत, ई-कॉमर्स कंपनी Meesho सहित विक्रेता पर केस दर्ज

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 20 Aug, 2026 06:12 PM

student ordered  sulfas  tablets online and died after consuming them

ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए बिना किसी सत्यापन और दस्तावेज के प्रतिबंधित जहरीले पदार्थ बेचने का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। गुरुग्राम के टिकली गांव में 12वीं कक्षा के 17 वर्षीय छात्र यूवी द्वारा ऑनलाइन सल्फास मंगवाकर खाने से हुई मौत के...

गुड़गांव, (ब्यूरो): ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए बिना किसी सत्यापन और दस्तावेज के प्रतिबंधित जहरीले पदार्थ बेचने का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। गुरुग्राम के टिकली गांव में 12वीं कक्षा के 17 वर्षीय छात्र यूवी द्वारा ऑनलाइन सल्फास मंगवाकर खाने से हुई मौत के मामले में बादशाहपुर थाना पुलिस ने ई-कॉमर्स कंपनी मीशो और सूरत स्थित विक्रेता कंपनी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मां का आरोप है कि कंपनियों ने बिना किसी जांच-पड़ताल के एक नाबालिग को प्रतिबंधित सल्फास बेच दिया, जिससे उनके बेटे की जान चली गई।

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टिकली गांव निवासी अनुराधा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका 17 वर्षीय बेटा यूवी 12वीं कक्षा के पेपर दे चुका था। 28 अप्रैल 2026 को जहरीला पदार्थ खाने से उसकी दर्दनाक मौत हो गई थी। उस समय पुलिस ने धारा 194 के तहत कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम कराया था और विसरा जांच के लिए एफएसएल भोंडसी भेजा था। बेटे की मौत के बाद जब मां ने यूवी का मोबाइल फोन चेक किया, तो उनके होश उड़ गए। फोन में पता चला कि यूवी ने 11 अप्रैल 2026 को ऑनलाइन शॉपिंग ऐप मीशो के माध्यम से सल्फास ऑर्डर किया था।

 

मोबाइल से मिली जानकारी के अनुसार, यह सल्फास गुजरात के सूरत स्थित परमार पंकज भरत भाई एवरग्रीन एग्रो एंड गार्डनिंग मॉल द्वारा बेचा गया था और मीशो कंपनी के कूरियर के जरिए नाबालिग छात्र तक पहुंचाया गया था। मां अनुराधा का आरोप है कि सल्फास जैसे जानलेवा और प्रतिबंधित केमिकल को आम जनता या नाबालिग को बिना किसी सत्यापन के बेचना घोर गैर-कानूनी है। कंपनियों ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बेटे को आत्महत्या के लिए उकसाने और मदद करने का काम किया है।

 

पीड़ित मां ने इंसाफ के लिए अदालत में याचिका दायर की थी, जिसकी जांच के सिलसिले में जांच अधिकारी संजीव कुमार पुलिस टीम के साथ गांव टिकली पहुंचे और शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए। शिकायत, मोबाइल इनवॉइस और प्राथमिक साक्ष्यों के अध्ययन के बाद पुलिस ने मीशो कंपनी के अधिकारियों, कर्मचारियों और विक्रेता परमार पंकज भरत भाई के खिलाफ कानून का उल्लंघन करने व लापरवाही बरतने पर बीएनएस की धारा 106 और 286 के तहत थाना बादशाहपुर में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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