सौम्या बनी हरियाणा की पहली महिला बी.एस.एफ. असिस्टेंट कमांडैंट

Edited By Deepak Paul, Updated: 09 Feb, 2019 11:06 AM

soumya bunny haryana s first lady bsf assistant commandant

सैक्टर-12 निवासी सौम्या को बी.एस.एफ. में हरियाणा की पहली व देश की तीसरी महिला असिस्टैंट कमांडैंट बनने का गौरव मिला है। सौम्या ने वर्ष 2016 में दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मुरथल से कम्प्यूटर साइंस में बी.टैक. किया और इसके...

सोनीपत(ब्यूरो): सैक्टर-12 निवासी सौम्या को बी.एस.एफ. में हरियाणा की पहली व देश की तीसरी महिला असिस्टैंट कमांडैंट बनने का गौरव मिला है। सौम्या ने वर्ष 2016 में दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मुरथल से कम्प्यूटर साइंस में बी.टैक. किया और इसके बाद संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में पहले ही प्रयास में यह सफलता हासिल की। टेकनपुर ग्वालियर स्थित बी.एस.एफ. अकादमी में बुधवार को आयोजित दीक्षांत समारोह में सौम्या को स्वॉर्ड आफ ऑनर से भी सम्मानित किया गया। शुक्रवार को घर लौटी सौम्या ने बताया कि उसे जल्द ही देश की सीमा पर लड़ाकू (काम्बैट) अधिकारी के तौर पर नियुक्ति मिलेगी।

उन्होंने बताया कि ट्रेङ्क्षनग के दौरान भी उन्हें पहले बैस्ट ट्रेनी के लिए स्वॉर्ड आफ ऑनर व बैस्ट इन इंडोर सब्जैक्ट्स के लिए डी.जी. ट्राफी से बी.एस.एफ. अकादमी के  निदेशक यू.सी. सारंगी द्वारा सम्मानित किया गया। सौम्या के पिता कुलदीप सिंह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भिगान में पिं्रसीपल के पद पर तैनात हैं और राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित हो चुके हैं। उनकी माता मंजू चौहान सोनीपत के एक निजी स्कूल में अध्यापिका हैं। उनके ताऊ रिटायर्ड कैप्टन प्रेम सिंह चौहान को भी वीरता के लिए राष्ट्रपति द्वारा वीर चक्र दिया जा चुका है। सौम्या का कहना है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2015 में पानीपत की धरा से शुरू हुए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से काफी प्रेरित हुई थी।  

 

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