Edited By Harman, Updated: 27 Aug, 2026 11:36 AM

नगर परिषद टोहाना में पिछले 22 दिन से धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों का गुस्सा वीरवार को फूट पड़ा। कर्मचारियों ने नगर परिषद अध्यक्ष नरेश बंसल, कार्यकारी अधिकारी दीपक कुमार सहित सभी अधिकारियों के कार्यालय के बाहर और अंदर कचरा फेंक दिया। देखते ही देखते...
टोहाना (सुशील सिंघला) : नगर परिषद टोहाना में पिछले 22 दिन से धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों का गुस्सा वीरवार को फूट पड़ा। कर्मचारियों ने नगर परिषद अध्यक्ष नरेश बंसल, कार्यकारी अधिकारी दीपक कुमार सहित सभी अधिकारियों के कार्यालय के बाहर और अंदर कचरा फेंक दिया। देखते ही देखते पूरा परिषद परिसर कूड़े के ढेर में तब्दील हो गया।
जानकारी के अनुसार, सफाई कर्मचारी अपनी 22 सूत्रीय मांगों को लेकर 21 दिन से धरना दे रहे थे। कर्मचारियों ने डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाले टिप्पर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को एरिया वाइज पकड़कर कार्यालय में खड़ा करवा दिया था, ताकि ठेकेदार के वाहन न चल सकें। आरोप है कि बुधवार सुबह नगर परिषद प्रशासन ने पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर 7 गाड़ियों और बाइकों पर आए पुलिस बल की मदद से उन वाहनों को जबरन बाहर निकलवा दिया।
इसी से आक्रोशित कर्मचारियों ने कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए कचरा फेंक दिया।धरने का नेतृत्व कर रहे कर्मचारी नेता ने कहा, "प्रशासन को समझना चाहिए कि हम 22 दिन से क्या मांग रहे हैं। हमारी कोई नाजायज मांग नहीं है। सरकार कह रही है कि 14 मांगें मान लीं, जबकि 13 मई को हमारी 22 में से 17 मांगों को सिर्फ मानने का आश्वासन दिया था, लागू नहीं किया। 31 मई तक का समय मांगा था, हमने 30 जून तक दिया। जनता परेशान न हो इसलिए एक महीना झाड़ू प्रदर्शन, गेट मीटिंग और ज्ञापन तक सीमित रहे।"
उन्होंने कहा, "नशा बेचने वालों को पकड़ने पुलिस नहीं जाती, लेकिन हक मांग रहे कर्मचारियों को दबाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। यह रोष उसी का नतीजा है। अब जो 3-4 दिन की हड़ताल होगी, वह वादा खिलाफी के साथ-साथ इस दमन के विरोध में होगी।"