Edited By Isha, Updated: 02 Jan, 2026 03:23 PM

बहादुरगढ़ शहर में सफाई व्यवस्था उस समय चरमरा गई जब नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी। सफाई कर्मचारी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए नगर परिषद कार्यालय के सामने धरने
बहादुरगढ़ (प्रवीण धनखड़): बहादुरगढ़ शहर में सफाई व्यवस्था उस समय चरमरा गई जब नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी। सफाई कर्मचारी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए नगर परिषद कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। सफाई कर्मचारियों का कहना है कि सफाई का टेंडर खत्म हो गया है। अब वे अब किसी भी हाल में ठेकेदार के अधीन काम नहीं करेंगे और नगर परिषद को अपने स्तर पर उन्हें काम देना चाहिए।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार ने पिछले तीन महीने से वेतन नहीं दिया, जिससे उनके सामने रोजमर्रा के खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि जब तक नगर परिषद उन्हें पक्की नौकरी नहीं देती, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
वहीं इस मामले में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अरुण नांदल ने बताया कि कर्मचारियों को पक्का करने का अधिकार नगर परिषद के पास नहीं है। सफाई का टेंडर खत्म होने के बाद डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के लिए उच्च अधिकारियों से अनुमति ली गई है। वेतन भुगतान के सवाल पर कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि ठेकेदार का बिल कल ही पोर्टल पर प्राप्त हुआ है और एक-दो दिन के भीतर पेमेंट अप्रूवल कमेटी की बैठक बुलाकर भुगतान की राशि जारी कर दी जाएगी।
फिलहाल सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बहादुरगढ़ शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है और आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में देखना होगा कि आखिर कब तक इसका समाधान होता है।