झज्जर में पीएनडीटी टीम ने की बड़ी कार्रवाई. लिंग जांच और अवैध गर्भपात गिरोह का भंडाफोड़

Edited By Deeksha Gupta, Updated: 26 Jul, 2025 01:23 PM

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पीएनडीटी टीम झज्जर ने अवैध लिंग जांच और गर्भपात करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मास्टरमाइंड डॉ. हेमलता सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।

झज्जर (दिनेश मेहरा): उपायुक्त रविन्द्र पाटिल एवं सिविल सर्जन डॉ. जयमाला के मार्गदर्शन में, 25 जुलाई को पीएनडीटी टीम झज्जर ने अवैध लिंग जांच और गर्भपात करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मास्टरमाइंड डॉ. हेमलता सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।

सिविल सर्जन डॉ. जयमाला को मिली गुप्त सूचना के आधार पर जिला समुचित प्राधिकरण द्वारा एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. संदीप कुमार, डॉ. आकृति हुड्डा, डॉ. हर्षदीप और श्री विनोद कुमार शामिल रहे। पुलिस उपायुक्त जसलीन कौर के निर्देश पर पुलिस टीम का गठन किया गया जिसमें एसआई सतबीर, हेड कांस्टेबल रीना, हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र व कांस्टेबल मीना शामिल थे।

मिथ्या ग्राहक के माध्यम से गिरोह का पर्दाफाश

गिरोह का भंडाफोड़ करने के लिए टीम ने एक मिथ्या ग्राहक (चार महीने की गर्भवती महिला) को तैयार किया। 17 जुलाई 2025 को उक्त महिला ने डॉ. हेमलता से संपर्क कर कहा कि उसके पहले तीन बेटियां हैं और अब उसे बेटे की चाह है, अतः वह लिंग परीक्षण कराना चाहती है। बातचीत के बाद डॉ. हेमलता ने 55,000 रुपये में सौदा तय किया और महिला को अपने घर (शिव कॉलोनी, बेरी गेट के पास, झज्जर) बुलाया। पीएनडीटी टीम ने महिला को तय राशि देकर भेजा। हेमलता ने उसे बताया कि अल्ट्रासाउंड जांच अगले दिन रात 8 बजे होगी। इसके बाद लगातार कई बार तारीखें बदली जाती रहीं — 18, 19, 20, 22 और अंततः 25 जुलाई को महिला को बुलाया गया।

अवैध लिंग परीक्षण और गर्भपात की तैयारी

25 जुलाई की रात, डॉ. हेमलता ने मिथ्या ग्राहक का अवैध लिंग परीक्षण अपने निजी क्लीनिक पर करवाया। यह परीक्षण आशीष सैनी उर्फ सुरेश नामक व्यक्ति द्वारा किया गया, जो नांगलोई से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन लेकर आया था। परीक्षण के बाद ग्राहक को बताया गया कि उसके गर्भ में लड़की है और अगले दिन गर्भपात किया जाएगा, जिसकी कीमत 25,000 रुपये होगी।

इसके बाद हेमलता ने स्कूटी से अपने बेटे विक्रम को बुलाया और उसकी मदद से महिला को अपने घर ले गई। महिला ने मौके पर मौजूद पीएनडीटी टीम को हाथ से इशारा कर बुलाया। टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर छानबीन की, जिसमें हेमलता के घर से गर्भपात की दवाइयाँ व उपकरण बरामद हुए। टीम फिर संगम क्लीनिक पहुंची, लेकिन तब तक आशीष सैनी मशीन लेकर फरार हो चुका था।

मुकदमा दर्ज

पीएनडीटी टीम ने डॉ. हेमलता, उसके बेटे विक्रम और आशीष सैनी उर्फ सुरेश के खिलाफ पीसी-पीएनडीटी एक्ट, एमटीपी एक्ट और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करवाया। मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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