Edited By vinod kumar, Updated: 04 Dec, 2019 11:51 AM

प्रदेश के एक मात्र पीजीआई में इस वर्ष जींद से सबसे अधिक एचआईवी के 3563 मामले आए। वहीं हिसार से 3220 और रोहतक से 3066 एचआईवी के मामले सामने आए। इन मरीजों का मुफ्त में ईलाज किया जा रहा है। बता दें कि एचआईवी पीड़ित मरीजों के मुफ्त ईलाज के लिए हरियाणा...
रोहतक(दीपक): प्रदेश के एक मात्र पीजीआई में इस वर्ष जींद से सबसे अधिक एचआईवी के 3563 मामले आए। वहीं हिसार से 3220 और रोहतक से 3066 एचआईवी के मामले सामने आए। इन मरीजों का मुफ्त में ईलाज किया जा रहा है। बता दें कि एचआईवी पीड़ित मरीजों के मुफ्त ईलाज के लिए हरियाणा एड्स कंट्रोल सोसायटी की ओर से प्रदेश के विभिन्न जिलों में एटीआर सेंटर खोले गए हैं। इसी के तहत रोहतक पीजीआई के एटीआर सेंटर में प्रदेश के लगभग 17 हजार से अधिक एचआईवी पीड़ित मरीजों का मुफ्त ईलाज किया जा रहा है।

बता दें कि एचआईवी पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए हरियाणा एड्स कंट्रोल सोसाइटी की ओर से जींद, सोनीपत, भिवानी, सिरसा और कैथल में एआरटी सेंटर खोला गया है। इससे पहले इन जिलों के पीड़ित मरीजों को ईलाज के लिए रोहतक पीजीआई आना पड़ता था। जानकारी के मुताबिक पिछले वर्ष कुल 29534 लगभग लोगों ने एचआईवी टेस्ट कराया। इसमें से 17 हजार से ऊपर एचआईवी के मामलों की पुष्टि हुई थी। इन सभी मरीजों को पीजीआई के एआरटी सेंटर में भेज दिया गया।

पीजीआई के एआरटी सेंटर में इस वर्ष अब तक जींद से सबसे अधिक एचआईवी के मामले आए, जबकि सबसे कम 4 मामले फरीदाबाद से आए हैं। एड्स को लेकर लोगों में आज भी कई तरह के भ्रम बने हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग इस बारे में लंबे समय से लोगों को जागरूक कर रहा है। रोहतक पीजीआई में ईलाज करवा रहे मरीजों का कहना है कि सरकार की तरफ से पूरा इलाज और दवाइया मुफ्त दी जा रही है।