Edited By Isha, Updated: 20 Dec, 2024 11:13 AM
बीते दो-तीन माह से बरसात नहीं हुई है। दिसंबर के तीन हफ्ते भी सूखे निकल गए हैं। बीते करीब दस दिनों से पाला पड़ रहा है। इससे सरसों व सब्जियों की फसल दांव पर लग गई हैं। इससे जहां किसान परेशान हैं, वहीं, कृषि विशेषज्ञ एहतियात बरतने
जगाधरी: बीते दो-तीन माह से बरसात नहीं हुई है। दिसंबर के तीन हफ्ते भी सूखे निकल गए हैं। बीते करीब दस दिनों से पाला पड़ रहा है। इससे सरसों व सब्जियों की फसल दांव पर लग गई हैं। इससे जहां किसान परेशान हैं, वहीं, कृषि विशेषज्ञ एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं। किसानों का रुझान तिलहनी फसलों के प्रति भी बढ़ रहा है।
जानकारी के अनुसार जिले में इस बार करीब 4500 हेक्टेयर सरसों की फसल है। क्षेत्र के किसान महेंद्र सिंह, मेम सिंह, सुशील कुमार आदि का कहना है कि सरसो की फसल मुरझाने लगी है। उनका कहना है कि पाले की वजह से यह प्रभावित हो रही है। किसानों का कहना है कि रेतीली जमीन की सरसों की फसल पर ज्यादा असर पड़ रहा है। यदि ऐसा ही मौसम रहा तो आने वाले दिनों में फसल खत्म हो जाएगी।
कृषि विभाग के सहायक पौध संरक्षण अधिकारी डा. सतीश कुमार का कहना है कि पाला सरसों व सब्जी की फसल के लिए बहुत ज्यादा नुकसानदायक है। आजकल पड़ रहे पाले से सरसों व सब्जियों की फसल को नुकसान हो रहा है। डा. सतीश कुमार ने किसानों को सरसों की फसल में हल्की सिंचाई व सल्फर का सप्रे करने की सलाह दी है। उनका कहना है कि 27 दिसंबर को बरसात होने की संभावना है।