हरियाणा के विकास एजेंडे को गांव-गांव पहुंचाने में जुटे मंत्री कृष्ण लाल पंवार, सादगी, अनुभव और जनसेवा से गढ़ी राजनीतिक पहचान

Edited By Krishan Rana, Updated: 24 Jun, 2026 03:26 PM

minister krishan lal panwar is working to take haryana s development agenda to e

हरियाणा के विकास एवं पंचायत तथा खान एवं भूविज्ञान मंत्री कृष्ण लाल पंवार उन नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा के विकास एवं पंचायत तथा खान एवं भूविज्ञान मंत्री कृष्ण लाल पंवार उन नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने अपने लंबे राजनीतिक अनुभव, सरल स्वभाव और जनसंपर्क की मजबूत शैली के बल पर प्रदेश की राजनीति में विशेष स्थान बनाया है।

मधुर भाषी और सहज व्यक्तित्व के धनी पंवार का राजनीतिक जीवन जनसेवा, संगठन और विकास की सोच से प्रेरित रहा है। मंत्री के रूप में उन्होंने ग्रामीण विकास, पंचायतों के सशक्तिकरण और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को अपनी प्राथमिकता बनाया है।आज हरियाणा के गांवों में दिखाई देने वाले अनेक विकास कार्यों के पीछे उनकी योजनाबद्ध सोच और प्रशासनिक नेतृत्व की स्पष्ट छाप दिखाई देती है।

पंचायतों को आर्थिक ताकत देने का बड़ा निर्णय
कृष्ण लाल पंवार के नेतृत्व में विकास एवं पंचायत विभाग ने पंचायती राज संस्थाओं को वित्तीय रूप से मजबूत बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है। पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से स्टाम्प ड्यूटी से प्राप्त कुल राजस्व का एक प्रतिशत हिस्सा सीधे पंचायती राज संस्थाओं को देने का निर्णय लिया गया।

इस व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायतों को 0.5 प्रतिशत, पंचायत समितियों को 0.25 प्रतिशत तथा जिला परिषदों को 0.25 प्रतिशत हिस्सा प्रदान किया जा रहा है। इससे पंचायतों को विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन मिल रहे हैं और स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की क्षमता भी बढ़ रही है।
 

अटल ई-लाइब्रेरी से गांवों में तैयार हो रहा नया भविष्य
ग्रामीण युवाओं को आधुनिक शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेशभर में अटल ई-लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं।
सैकड़ों नई ई-लाइब्रेरी का लोकार्पण किया जा चुका है, जहां डिजिटल अध्ययन सामग्री, इंटरनेट सुविधा और आधुनिक वातावरण उपलब्ध कराया गया है। यह पहल ग्रामीण युवाओं को बड़े शहरों जैसी सुविधाएं उनके गांव में ही उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

महिला संस्कृति केंद्रों से सशक्त बन रही आधी आबादी
ग्रामीण महिलाओं के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक उत्थान के लिए महिला संस्कृति केंद्रों की स्थापना एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई है। प्रदेश के सैकड़ों गांवों में ऐसे केंद्र संचालित हो रहे हैं और इन्हें सभी ग्राम पंचायतों तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है।

इन केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को कौशल विकास, आत्मनिर्भरता, सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है, जिससे ग्रामीण समाज में महिलाओं की भूमिका और अधिक मजबूत हो रही है।

तालाबों के पुनरुद्धार से बदल रही गांवों की तस्वीर
जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए राज्य के हजारों तालाबों के पुनरुद्धार का अभियान चलाया गया है।
इस योजना के अंतर्गत गंदे और साफ पानी की अलग व्यवस्था, रिटेनिंग वॉल का निर्माण, इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाना तथा तालाबों के आसपास पार्क जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इससे जल संरक्षण के साथ-साथ गांवों की सुंदरता और स्वच्छता में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।

गरीब परिवारों को मालिकाना हक दिलाने की संवेदनशील पहल
ग्रामीण गरीब परिवारों के हितों को प्राथमिकता देते हुए शामलात भूमि पर बने मकानों के मालिकाना हक के लिए आवेदन की अवधि बढ़ाकर 16 जनवरी 2027 तक कर दी गई है।
यह निर्णय हजारों परिवारों के लिए राहत लेकर आया है। इससे वर्षों से अपने घरों के वैधानिक अधिकार की प्रतीक्षा कर रहे लोगों को सुरक्षा और स्थायित्व का भरोसा मिला है।

बुनियादी ढांचे के विकास से गांवों में बढ़ी सुविधाएं
ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए गए हैं। गांवों की फिरणियों को पक्का करना, स्ट्रीट लाइट्स लगाना, संपर्क मार्गों का विकास और सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार जैसी योजनाओं ने ग्रामीण जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाया है। इन प्रयासों का उद्देश्य गांवों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा में शामिल करना है।

जागृत ग्राम पुरस्कार से पंचायतों में बढ़ी प्रतिस्पर्धा
ग्राम पंचायतों को बेहतर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु ‘जागृत ग्राम पुरस्कार’ योजना शुरू की गई है। इसके तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को सम्मानित किया जाता है और विकास कार्यों के लिए विशेष प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। इस योजना ने पंचायतों के बीच सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया है और गांवों में विकास की गति को तेज किया है।

खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही पर विशेष जोर
खान एवं भूविज्ञान मंत्री के रूप में कृष्ण लाल पंवार ने अवैध खनन पर नियंत्रण और राजस्व व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं तकनीक आधारित निगरानी, सख्त नियंत्रण व्यवस्था और खनन गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से अवैध खनन पर अंकुश लगाने का प्रयास किया गया है। साथ ही खनिज संपदा से प्राप्त होने वाले राजस्व को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
जनता से सीधा जुड़ाव ही सबसे बड़ी ताकत
कृष्ण लाल पंवार की राजनीतिक शैली की सबसे बड़ी विशेषता उनका जनता से सीधा संवाद है। वे कार्यकर्ताओं, पंचायत प्रतिनिधियों और आम नागरिकों से लगातार संपर्क बनाए रखते हैं। उनकी सादगी, सहजता और उपलब्धता उन्हें अन्य नेताओं से अलग पहचान दिलाती है।
राजनीतिक अनुभव और प्रशासनिक समझ का संतुलन उनके निर्णयों में स्पष्ट दिखाई देता है, जिसके कारण वे सरकार और संगठन दोनों में एक विश्वसनीय नेतृत्व के रूप में स्थापित हैं।
 

निष्कर्ष: ग्रामीण समृद्धि के विजन को आगे बढ़ाता नेतृत्व
कृष्ण लाल पंवार का कार्यकाल ग्रामीण विकास, पंचायती सशक्तिकरण और सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियों का साक्षी रहा है। पंचायतों को आर्थिक अधिकार देने, महिलाओं और युवाओं के लिए नई संभावनाएं सृजित करने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा खनन क्षेत्र में पारदर्शिता लाने जैसे कदम उनके विकासवादी दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।

उनका नेतृत्व इस बात का उदाहरण है कि जब अनुभव, संवेदनशीलता और विकास की स्पष्ट सोच साथ मिलती है, तो योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर वास्तविक बदलाव का माध्यम बनती हैं।

(पंजाब केसरी हरियाणा की खबरें अब क्लिक में Whatsapp एवं Telegram पर जुड़ने के लिए लाल रंग पर क्लिक करें)               


 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!