Edited By Manisha rana, Updated: 17 Mar, 2023 11:14 AM

पहली भारतीय महिला अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला को उनके जन्मदिन पर हरियाणा के सीएम खट्टर ने ट्वीट कर बधाई दी...
करनाल : पहली भारतीय महिला अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला को उनके जन्मदिन पर हरियाणा के सीएम खट्टर ने ट्वीट कर बधाई दी। उन्होंने बताया कि पूरी दुनिया में हरियाणा का गौरव बढ़ाने वाली, भारतीय मूल की प्रथम महिला अंतरिक्ष यात्री, महिला शक्ति की पर्याय कल्पना चावला जी को मैं उनकी जयंती पर सादर नमन करता हूँ। अंतरिक्ष विज्ञान में उनका योगदान देश-प्रदेश की बेटियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
पूरी दुनिया में हरियाणा का गौरव बढ़ाने वाली, भारतीय मूल की प्रथम महिला अंतरिक्ष यात्री, महिला शक्ति की पर्याय कल्पना चावला जी को मैं उनकी जयंती पर सादर नमन करता हूँ।
अंतरिक्ष विज्ञान में उनका योगदान देश-प्रदेश की बेटियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। pic.twitter.com/pgEg7YAXLh
— Manohar Lal (@mlkhattar) March 17, 2023
कल्पना चावला का जन्म 17 मार्च 1962 को भारत के हरियाणा के करनाल जिले में हुआ था। वे अपने पिता बंसारी लाल और मां संयोगिता की चौथी संतान थीं। वैसे मैट्रिक की परीक्षा के लिए उनकी पात्रता के लिए पिता ने उनकी आधिकारिक जन्मतिथि को बदलकर 01 जुलाई 1961 कर दी थी। इसके बाद ही वो मैट्रिक के परीक्षा में शामिल हो सकीं। तब से नासा तक में आधिकारिक तौर पर उनकी जन्मतिथि 1 जुलाई ही दिखती है, लेकिन भारत में उनकी जयंती 17 मार्च को ही मनाई जाती है।

कल्पना की उड़ने के लिए बचपन से ही बहुत लगाव था। उन्होंने खुद ही जिद करके पंजाब यूनिवर्सिटी में एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग विषय का चयन किया जिसे सामान्यतः लड़के चुना करते थे। वे इस विषय का चयन करने वाली कॉलेज की पहली लड़की थीं. इसी सपने को हासिल करते हुए वे सी प्लेन, मल्टी इंजिन एयरक्राफ्ट और ग्लाइडर तक की सर्टिफाइड कमर्शियल पायलट और ग्लाइडर और एयरोप्लेन के लिए सर्टिफाइड फ्लाइट इंस्ट्रक्टर भी बन गईं।

पढ़ाई में भी अव्वल रहती थीं कल्पना
खेलकूद के अलावा कल्पना की पढ़ाई में भी बहुत गहरी रुचि थी। उन्होने चंडीगढ़ के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग स्नातक की डिग्री ली और 1982 में अमेरिका के टेक्सास यूनिवर्सिटी से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में मास्टर्स की डिग्री ली। 1986 में उन्होंने मास्टर्स की दूसरी डिग्री भी ली और 1988 में बोल्डर में यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो से पीएचडी पूरी की।
2003 में उन्होंने कोलंबिया शटल से अंतरिक्ष के लिए दूसरी उड़ान भरी। 16 जनवरी को शुरू हुआ ये 16 दिन का अभियान 1 फरवरी को खत्म होना था। यह वही दिन था जब धरती पर लौटने के दौरान शटल पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने के बाद अचानक यान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और विस्फोट होने से कल्पना समेत 6 अन्य अंतरिक्ष यात्रियों की भी मौत हो गई।
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