Edited By Krishan Rana, Updated: 27 Aug, 2026 08:26 PM

हरियाणा के सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी जनसभा के बाद मंच के
चंडीगढ़ : हरियाणा के सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी जनसभा के बाद मंच के कथित शुद्धिकरण' को गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जाति के आधार पर किसी व्यक्ति को अपमानित या हीन महसूस कराने वाली सोच का लोकतांत्रिक भारत में कोई स्थान नहीं है।
इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कानून का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कारर्वाई की जानी चाहिए। कुमारी सैलजा ने कहा कि श्री खरगे ने संसद में इस घटना का उल्लेख करते हुए इसे छुआछूत से जोड़कर अपना अपमान बताया है। ऐसे में मामले को केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। सार्वजनिक जीवन में किसी व्यक्ति की जाति, धर्म या सामाजिक पृष्ठभूमि के आधार पर उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाना संविधान में निहित समानता और सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत है।
उन्होंने उत्तराखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की ओर से कथित‘शुद्धिकरण'के समर्थन में दिए गए बयान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार राजनीतिक पदों पर बैठे लोगों को भेदभाव समाप्त करने और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने वाली भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए। सांसद सैलजा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय नेतृत्व से मामले पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि देश जानना चाहता है कि भाजपा नेतृत्व जातिगत भेदभाव और छुआछूत की मानसिकता को स्वीकार करता है या स्पष्ट रूप से अस्वीकार करता है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान ने प्रत्येक नागरिक को समानता, सम्मान और गरिमा का अधिकार दिया है।
आज जरूरत किसी व्यक्ति या मंच के‘शुद्धिकरण'की नहीं, बल्कि उस सोच को समाप्त करने की है, जो इंसान का मूल्यांकन उसकी जाति से करती है। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन मनुष्य की गरिमा और समानता से समझौता नहीं किया जा सकता।
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