Edited By Harman, Updated: 25 Aug, 2026 03:36 PM
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुलदीप शर्मा की चंडीगढ़ एमएलए हॉस्टल में प्रेस कॉन्फ्रेंस चल रही है। इस दौरान प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कुलदीप शर्मा ने कहा कि न मै पूर्व स्पीकर हूँ और न ही कांग्रेस का नेता हूँ। कांग्रेस छोड़ने की बात पर बोलते हुए...
चंडीगढ़ ( चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा विधानसभा के पूर्व स्पीकर एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता कुलदीप शर्मा ने मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश सरकार, कानून व्यवस्था, सरकारी कार्यालयों में कथित भ्रष्टाचार, हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन), कांग्रेस संगठन की आंतरिक कार्यप्रणाली तथा अपने ऊपर हो रहे राजनीतिक हमलों को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा का आम नागरिक सरकारी दफ्तरों में परेशान है और बिना पैसे दिए काम नहीं होने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। साथ ही उन्होंने कांग्रेस के भीतर सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को समान सम्मान व अभिव्यक्ति की जगह दिए जाने की वकालत की।
कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर सरकार पर निशाना
कुलदीप शर्मा ने कहा कि हरियाणा में कानून व्यवस्था के हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। आम जनता स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रही है और अपराध की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार चरम पर है और आम आदमी को अपने छोटे-छोटे काम करवाने के लिए भी परेशान होना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि जनता की सबसे बड़ी पीड़ा यह है कि सरकारी तंत्र में पारदर्शिता दिखाई नहीं देती। लोगों को अपने अधिकारों के लिए भी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में सुशासन का दावा करती है तो उसे सबसे पहले सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
एचकेआरएन को बताया ‘पर्ची-खर्ची का निगम’
पूर्व स्पीकर ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एचकेआरएन को लेकर युवाओं और कर्मचारियों के बीच लगातार असंतोष है। शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि यह निगम पर्ची-खर्ची का माध्यम बन गया है और सरकार को इस व्यवस्था की निष्पक्ष समीक्षा करनी चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि एचकेआरएन के माध्यम से नियुक्त कर्मचारी सरकार के लिए काम कर रहे हैं तो उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान लाभ क्यों नहीं दिए जा रहे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा, सेवा लाभ और भविष्य को लेकर सरकार को स्पष्ट नीति बनानी चाहिए। शर्मा ने यह भी दावा किया कि एचकेआरएन के विरोध प्रदर्शनों के दौरान एक नेता ने कहा था कि कुलदीप शर्मा को मंच से न बोलने दिया जाए, जो लोकतांत्रिक भावना के विपरीत है।
‘मैं कार्यकर्ताओं की आवाज उठा रहा हूं’
कुलदीप शर्मा ने कहा कि उनकी राजनीति किसी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा की नहीं बल्कि उन कार्यकर्ताओं की आवाज है जिन्होंने वर्षों तक कांग्रेस के लिए मेहनत की है। उन्होंने कहा कि ऐसे हजारों कार्यकर्ता हैं जिन्होंने 10 से 15 वर्षों तक नेताओं के लिए काम किया, गाड़ियां धोईं, झंडे उठाए और पार्टी को मजबूत बनाने में अपना जीवन लगा दिया। उन्होंने कहा कि यदि वे आज किसी मुद्दे को उठा रहे हैं तो यह उनकी निजी लड़ाई नहीं बल्कि उन समर्पित कार्यकर्ताओं की भावनाओं का प्रतिनिधित्व है जिन्हें पार्टी में सम्मान और भागीदारी चाहिए।
सोशल मीडिया पर पार्टी छोड़ने की अफवाहों पर जवाब
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुलदीप शर्मा ने कहा कि लगभग हर तीन महीने बाद सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैला दी जाती है कि वह कांग्रेस छोड़ने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके समर्थक भी इस प्रकार की पोस्ट देखकर प्रतिक्रिया देते हैं और हाल ही में किसी समर्थक ने सोशल मीडिया पर लिखा कि “कुलदीप शर्मा पार्टी छोड़ते नहीं, छुड़वाया करते हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने स्वयं कभी ऐसा बयान नहीं दिया और न ही ऐसा लिखा। शर्मा ने कहा कि राजनीति में अफवाहों के माध्यम से माहौल बनाने की कोशिश उचित नहीं है और ऐसे प्रयास केवल कार्यकर्ताओं में भ्रम पैदा करते हैं।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर बोले— उनका कद कम नहीं हो सकता
कांग्रेस नेता ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा को लेकर भी अपना पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि भूपेंद्र हुड्डा उनसे राजनीतिक अनुभव में बड़े हैं और उनका अपना एक विशिष्ट स्थान है। किसी के कहने या न कहने से उनका राजनीतिक कद कम नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में मतभेद हो सकते हैं, विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन पार्टी नेतृत्व का सम्मान सभी को करना चाहिए। शर्मा ने कहा कि चौधरी भूपेंद्र हुड्डा पार्टी के नेता हैं और उन्हें अपने से छोटे नेताओं को समझाने का अधिकार है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति लगातार दूसरे नेताओं से उन पर कटाक्ष करवाता है तो इससे संगठन कमजोर होता है।
कांग्रेस में लोकतंत्र मजबूत रखने की अपील
कुलदीप शर्मा ने कहा कि कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत उसकी लोकतांत्रिक व्यवस्था रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि करोड़ों कार्यकर्ताओं की है। इसलिए हर नेता और हर कार्यकर्ता को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पार्टी की कई बैठकों में उन्हें बोलने का अवसर नहीं दिया गया। शर्मा ने कहा कि यदि संगठन में सभी को पर्याप्त स्पेस नहीं मिलेगा तो कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित होगा। उन्होंने 2005 की कांग्रेस का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय पार्टी एक गुलदस्ते की तरह थी, जिसमें भूपेंद्र हुड्डा, राव इंद्रजीत सिंह, ओपी जिंदल और अमर सिंह धानक जैसे कई बड़े नेता एक साथ संगठन की ताकत थे।
दीपेंद्र हुड्डा और माफी विवाद पर प्रतिक्रिया
दीपेंद्र सिंह हुड्डा से जुड़े हालिया विवाद पर कुलदीप शर्मा ने कहा कि उन्होंने किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा कि जब दीपेंद्र हुड्डा ने वैसा कोई बयान नहीं दिया तो फिर माफी मांगने की नौबत क्यों आई, यह विचार का विषय है। उन्होंने कहा कि उनसे पहले पंजाब के नेताओं चरणजीत सिंह चन्नी और राजा वड़िंग ने भी इस मुद्दे पर आवाज उठाई थी। शर्मा ने बताया कि उन्हें भी सैकड़ों कार्यकर्ताओं के फोन आए, जिसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिखने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि दीपेंद्र हुड्डा उनके बेटे के समान हैं और उन्होंने खेद व्यक्त कर इस अध्याय को समाप्त करने का प्रयास किया है। शर्मा ने अपील की कि अब इस विषय को अनावश्यक रूप से आगे न बढ़ाया जाए।
जातीय टिप्पणियों को बताया अपरिपक्व राजनीति
पूर्व स्पीकर ने सोशल मीडिया पर चल रहे कुछ वीडियो का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीति में जातीय आक्रमण नहीं होने चाहिए। उन्होंने ऐसे बयानों को अपरिपक्व राजनीति बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी नेता को जाति या समुदाय के आधार पर अपमानित करना लोकतांत्रिक संस्कृति के लिए उचित नहीं है। राजनीतिक मतभेद विचारों के आधार पर होने चाहिए, व्यक्तिगत या जातीय आधार पर नहीं।
संपत्ति और सीएलयू को लेकर तीखी टिप्पणी
कुलदीप शर्मा ने कहा कि यदि उनके खिलाफ लगातार दूसरे नेताओं से हमला करवाया जाएगा तो वह चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि वह किसी सीएलयू या विशेष लाभ प्राप्त करने वाले नेता नहीं हैं, बल्कि एक ईमानदार परिवार से आते हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि राजनीति में यह चिंता का विषय है कि पहले स्कूटर से चलने वाले लोग आज लग्जरी गाड़ियों में घूम रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह स्थिति केवल एक दल तक सीमित नहीं बल्कि लगभग सभी राजनीतिक दलों में दिखाई देती है, जहां दिन-प्रतिदिन नेताओं की संपत्ति बढ़ने पर सवाल उठते हैं।
सज्जन कुमार के घर रिसेप्शन के आरोपों को किया खारिज
अपने बेटे की शादी के रिसेप्शन को लेकर लगाए गए आरोपों पर कुलदीप शर्मा ने स्पष्ट कहा कि यदि किसी में साहस है तो वह शपथपत्र देकर साबित करे कि उनके बेटे का रिसेप्शन सज्जन कुमार के निवास पर हुआ था।उन्होंने कहा कि कार्यक्रम अशोका रोड स्थित कोठी नंबर 5 में आयोजित किया गया था, जिसे उन्होंने 60 हजार रुपये शुल्क देकर विधिवत बुक कराया था। उन्होंने दावा किया कि उस समारोह में भूपेंद्र सिंह हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा भी शामिल हुए थे। सज्जन कुमार के निधन पर उन्होंने केवल इतना कहा कि यह ईश्वर का निर्णय है।
राज्यसभा चुनाव और जी-23 पर भी रखी बात
कुलदीप शर्मा ने राज्यसभा चुनाव में हुए क्रॉस वोटिंग प्रकरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि नौ वोटों में से पांच विधायकों की पहचान कर उन्हें निलंबित किया गया, लेकिन बाकी चार के नाम अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए।जी-23 प्रकरण पर उन्होंने कहा कि यह आज भी उनके लिए पीड़ादायक अध्याय है। उनका दावा है कि उन्हें एक पत्र पर हस्ताक्षर करवाए गए और बाद में उन्हें पता चला कि मामला अलग स्वरूप का था। शर्मा ने कहा कि उन्होंने इस विषय से कांग्रेस हाईकमान को अवगत करा दिया था। उन्होंने बताया कि उस समय भूपेंद्र हुड्डा और गुलाम नबी आजाद ने उन्हें गाड़ी में बैठाकर कहा था कि एक पत्र लिखा जा रहा है और आप भी हस्ताक्षर कर दीजिए। उन्होंने कहा कि जब हुड्डा जैसे वरिष्ठ नेता कह रहे थे तो उन्होंने यही समझा कि यह कांग्रेस विरोधी कदम नहीं होगा।
संगठन को मजबूत करने के लिए संवाद जरूरी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में कुलदीप शर्मा ने कहा कि कांग्रेस में राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष का एक स्पष्ट संगठनात्मक ढांचा है। पार्टी का मंच ही तय करेगा कि कौन बोलेगा और कौन नहीं, इसलिए सभी नेताओं को संगठनात्मक अनुशासन का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा केवल इतनी है कि कांग्रेस फिर से 2005 की तरह मजबूत, समावेशी और सभी नेताओं को साथ लेकर चलने वाली पार्टी बने। उन्होंने दोहराया कि उन्होंने हमेशा भूपेंद्र हुड्डा को मुख्यमंत्री बनाने की इच्छा जताई थी और इसमें कोई अपराध नहीं है। यदि जनता ने किसी को मुख्यमंत्री नहीं बनाया तो उसके लिए किसी एक व्यक्ति को दोष नहीं दिया जा सकता। कुलदीप शर्मा ने कहा कि कांग्रेस को कमजोर करने के बजाय उसके भीतर लोकतंत्र, संवाद और कार्यकर्ताओं के सम्मान को मजबूत करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।