Edited By Yakeen Kumar, Updated: 06 Jan, 2026 04:13 PM

जुलाना कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में पिछले करीब 8 महीनों से एक्स-रे फिल्म उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि अस्पताल में की गई एक्स-रे जांच की तस्वीरें अब फिल्म पर नहीं, बल्कि...
जुलाना (विजेंद्र सिंह) : जुलाना कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में पिछले करीब 8 महीनों से एक्स-रे फिल्म उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि अस्पताल में की गई एक्स-रे जांच की तस्वीरें अब फिल्म पर नहीं, बल्कि मोबाइल फोन की स्क्रीन पर देखकर डॉक्टरों को रिपोर्ट तैयार करनी पड़ रही है। इससे न केवल जांच की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है, बल्कि मरीजों की सेहत के साथ जोखिम भी बढ़ रहा है।
CHC में रोज़ाना हड्डी टूटने, सड़क दुर्घटनाओं, सीने से जुड़ी बीमारियों और अन्य गंभीर समस्याओं के मरीज एक्स-रे के लिए पहुंचते हैं। लेकिन फिल्म न होने के कारण उन्हें स्पष्ट रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। चिकित्सकों को मजबूरी में मोबाइल पर भेजी गई इमेज के आधार पर इलाज करना पड़ रहा है, जो लंबे समय तक सुरक्षित और वैज्ञानिक दृष्टि से भरोसेमंद तरीका नहीं माना जाता।
इलाज में हो रही परेशानी

ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए यह समस्या और गंभीर हो जाती है। निजी संस्थानों में एक्स-रे कराना उनके लिए महंगा साबित होता है, लेकिन सरकारी अस्पताल में भी बुनियादी सुविधा उपलब्ध न होने से उन्हें मजबूरी में बाहर जाना पड़ता है। मरीजों का कहना है कि फिल्म न मिलने के कारण उन्हें केवल मोबाइल में फोटो देकर भेज दिया जाता है, जिससे आगे इलाज में कठिनाई आती है।
विभाग को कई बार दी जा चुकी जानकारी- रेडियोलॉजी

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, एक्स-रे फिल्म की कमी की जानकारी विभाग को कई बार दी जा चुकी है। फिलहाल अस्पताल में एक्स-रे भेजने का कोई ऑनलाइन सिस्टम भी उपलब्ध नहीं है, इसलिए मरीजों की रिपोर्ट चिकित्सकों के मोबाइल पर भेजी जाती है। रेडियोलॉजी सुभाष का कहना है कि यह केवल अस्थायी व्यवस्था है और जल्द समाधान की उम्मीद की जा रही है।
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