पीएलपीए को लेकर सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर

Edited By Shivam, Updated: 07 Mar, 2019 11:06 AM

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फरीदाबाद में अरावली पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियाँ उड़ाने वालों के लिए बुरी खबर है। कांत एनक्लेव को तुड़वाने और पीएलपीए एक्ट में हुए संशोधन को वापस लेने के लिए बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान एलएन पाराशर सुप्रीम कोर्ट में सरकार के खिलाफ पार्टी...

फरीदाबाद(अनिल राठी): फरीदाबाद में अरावली पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियाँ उड़ाने वालों के लिए बुरी खबर है। कांत एनक्लेव को तुड़वाने और पीएलपीए एक्ट में हुए संशोधन को वापस लेने के लिए बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान एलएन पाराशर सुप्रीम कोर्ट में सरकार के खिलाफ पार्टी बनकर पहुंच गए हैं। पराशर ने सुप्रीम कोर्ट में हरियाणा सरकार के खिलाफ याचिका दायर करने के लिए अर्जी लगा दी है, अब जल्द ही एलएन पराशर पीएलपीए एक्ट में हुए संशोधन को वापस लेने के लिए हरियाणा सरकार के सामने पार्टी बनकर याचिका दायर करेंगे।

एडवोकेट पाराशर ने बताया कि जल्द ही याचिका फाइल हो जाएगी। जिसमें कांत एन्क्लेव ही नहीं अरावली के सभी अवैध निर्माण ढहाए जाएं, कांत एन्क्लेव पर सुप्रीम के आदेश का तुरंत पालन किया जाये। जिन अधिकारीयों की लापरवाही से अरावली पर अवैध निर्माण जारी हैं, उन पर तुरंत कार्रवाई की जाए। पराशर ने कहा कि 11 सितम्बर 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने फरीदाबाद में अरावली पर्वतीय इलाके में अवैध तरीके से निर्मित कांत एंक्लेव को 31 दिसंबर तक पूरी तरह ढहा देने का आदेश दिया था। इसके बाद अधिकारी आदेशों की लीपापोती अब तक कर रहे हैं।

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पराशर ने कहा कि उस आदेश में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस मदन बी. लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की स्पेशल बैंच ने कहा था कि अरावली पर 18 अगस्त 1992 के बाद हुए अवैध निर्माण ढहा दिए जाएं, लेकिन आदेश के बाद अरावली पर अवैध निर्माण जारी हैं। उन्होंनेे कहा कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जिया उड़ाते हुए फटाफट पीएलपीए में संशोधन का प्रस्ताव विधानसभा में पास करवा लिया और अवैध निर्माणकर्ताओं को बचाने का प्रयास किया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हाल में हरियाणा सरकार को भी जमकर फटकार लगाईं और संशोधन बिल पर रोक लगा दी है।

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