Edited By Isha, Updated: 23 Jul, 2026 06:50 PM

NEET परीक्षा विवाद और पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर डटे छात्रों के प्रदर्शन को अब किसान संगठनों का भी बड़ा समर्थन मिलने जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और
डेस्क: NEET परीक्षा विवाद और पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर डटे छात्रों के प्रदर्शन को अब किसान संगठनों का भी बड़ा समर्थन मिलने जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने ऐलान किया है कि वे छात्रों के आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर जाएंगे।किसान नेता के इस कदम के बाद छात्रों के इस आंदोलन को और अधिक बल मिलने की संभावना है।
'युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं'
गुरनाम सिंह चढ़ूनीकिसान नेता चढ़ूनी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज देश का युवा सड़कों पर है और सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय खामोश बैठी है। उन्होंने कहा कि लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ बार-बार हो रहे खिलवाड़ (पेपर लीक) को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।चढ़ूनी ने कहा, "किसान और मजदूर के बच्चे ही दिन-रात मेहनत करके इन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। जब पेपर लीक होता है, तो सिर्फ एक छात्र का सपना नहीं टूटता, बल्कि पूरे परिवार की मेहनत पर पानी फिर जाता है। हम छात्रों की इस लड़ाई में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।"
किसान-छात्र एकजुटता से बढ़ेगी सरकार की चिंता
जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से देश भर से आए छात्र और युवा संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांगों में शामिल हैं:NEET परीक्षा में हुई धांधली की निष्पक्ष जांच। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की जवाबदेही तय करना। दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई और शिक्षा तंत्र में सुधार। किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी के जंतर-मंतर पहुंचने के ऐलान के बाद दिल्ली पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं। किसान संगठनों के शामिल होने से यह प्रदर्शन अब एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले सकता है।