आशिमा का रोहतक पहुंचने पर भव्य स्वागत, मां की इस शर्त पर जीता गोल्ड

Edited By Yakeen Kumar, Updated: 29 Aug, 2025 09:56 PM

grand welcome to ashima on reaching rohtak

रोहतक जिले के खरखड़ा गांव की बेटी आशिमा अहलावत ने शूटिंग में अपनी मेहनत और जुनून से देश का नाम रोशन किया है।

रोहतक (दीपक भारद्वाज) : रोहतक जिले के खरखड़ा गांव की बेटी आशिमा अहलावत ने शूटिंग में अपनी मेहनत और जुनून से देश का नाम रोशन किया है। आशिमा ने कजाकिस्तान में हुई एशियाई चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम इवेंट में स्वर्ण पदक और व्यक्तिगत मुकाबले में कांस्य पदक जीता। पदक जीतकर जब वह रोहतक लौटीं तो उनका जोरदार स्वागत किया गया।

आशिमा अहलावत की सफलता की शुरुआत दिलचस्प रही। 10वीं कक्षा में उनकी मां सुमित्रा अहलावत ने शर्त रखी कि अगर वह 98% अंक हासिल करेगी, तभी शूटिंग खेलने की अनुमति दी जाएगी। खेल के प्रति जुनून इतना था कि आशिमा ने 98.6% अंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि वह पढ़ाई और खेल दोनों में संतुलन बना सकती है।

इकोनॉमिक्स से एमए कर रही है आशिमा

आज वह न केवल शूटिंग में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल कर रही हैं, बल्कि पढ़ाई भी जारी रखते हुए इकोनॉमिक्स से एमए कर रही हैं। आशिमा का कहना है कि उनकी इस सफलता के पीछे परिवार और कोच का अहम योगदान है।

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बेटी की मेहनत रंग लाई- सुमित्रा अहलावत 

मां सुमित्रा अहलावत ने कहा कि बेटी का सपना था खेल में देश का नाम रोशन करना। आज उसकी मेहनत रंग लाई है और अब उन्हें उम्मीद है कि आशिमा आने वाले एशियाई खेलों और ओलंपिक में भी पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाएगी।

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