LIVE: सेशन का कांग्रेस ने किया बहिष्कार, सदन के बाहर पैरलल कार्यवाही शुरू की...5 बागी MLA ने बनाई दूरी

Edited By Isha, Updated: 27 Apr, 2026 01:03 PM

congress boycotted the session and initiated parallel proceedings outside the ho

हरियाणा राजनीति में आज उस समय गरमाहट पैदा हो गई जब हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र की शुरुआत होते ही मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया। सूत्रों के अनसा कांग्रेस

चंडीगढ़:  हरियाणा राजनीति में आज उस समय गरमाहट पैदा हो गई जब हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र की शुरुआत होते ही मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया। सूत्रों के अनसा कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया और आज की पूरी कार्यवाही में शामिल न होने का फैसला लिया है।

सत्र की शुरुआत से ठीक पहले हुई कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक में यह निर्णय लिया गया। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के इस कड़े रुख की मुख्य वजह राज्य सरकार द्वारा 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को लेकर कांग्रेस के खिलाफ लाया जाने वाला निंदा प्रस्ताव है।

 
सत्र की शुरुआत दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।  शोक प्रस्ताव के तुरंत बाद जैसे ही सरकार ने निंदा प्रस्ताव पेश करने की कोशिश की, कांग्रेस विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया और बाद में सदन से बाहर चले गए। कांग्रेस की अनुपस्थिति में सरकार ने 'हरियाणा क्लेरिकल सर्विस बिल 2026' पेश किया। इस बिल के तहत चतुर्थ श्रेणी (Group-D) कर्मचारियों के लिए क्लर्क पद पर प्रमोशन का कोटा 20% से बढ़ाकर 30% करने का प्रावधान है।

सदन में शोक प्रस्ताव और सरकार की प्रतिक्रिया
सदन के अंदर कार्यवाही जारी रही, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शोक प्रस्ताव पेश किया। सदन में यह शोक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। वहीं, कांग्रेस के इस रवैये पर कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पवार ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "जब देश हित की बात आती है, तो कांग्रेस अक्सर वॉकआउट करके बाहर चली जाती है।"
 
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी देश की प्रगति का पैमाना वहां की महिलाओं को मिलने वाला समान दर्जा है। बिना महिलाओं की भागीदारी के "विकसित भारत" का लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता। सैनी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उनके रवैये को महिला विरोधी करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष महिलाओं को उनके वाजिब हक और अधिकार देने के पक्ष में नहीं है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर गहरा खेद जताया कि इतने महत्वपूर्ण विषय (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक सदन में मौजूद नहीं थे। उनके अनुसार, यह विधानसभा की कार्यवाही और महिला हितों के प्रति कांग्रेस की गंभीरता की कमी को दर्शाता है।


सदन के बाहर कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि सरकार में बैठे लोगों ने महिलाओं को आरक्षण देने की बजाए, उनको किस प्रकार से एक वोट का साधन मान लिया है। 2023 में सर्वसम्मति से जब उसपे चर्चा हो रही थी, तो कांग्रेस पार्टी ने समर्थन किया और कांग्रेस पार्टी अब भी यह चाहती है कि जब कानून बन गया है, 16 अप्रैल 2026 को नोटिफिकेशन हो गया है, उस कानून को लागू करना चाहिए।महिलाओं को आरक्षण 33% अब पांच स्टेटों के जो चुनाव होंगे, उसमें भी देना चाहिए। ये सर्वसम्मति से आज अपने हाउस का प्रस्ताव पास होना चाहिए। आज किस प्रकार नगरपालिकाओं के अंदर, नगर निगमों के अंदर कितने ही घोटाले हो रहे हैं, बैंक घोटाले हो रहे हैं। तो ये सरकार जो है, घोटालों की सरकार बनके रह गई है।
 

 

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