Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 01 Jan, 2026 07:21 PM

एक तरफ जहां बुधवार रात को लोग नए साल के स्वागत का जश्न मना रहे थे, वहीं, एक ASI ने ऐसा कारनामा कर दिया कि पूरा पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया। सेक्टर-4/7 चौक से गुजर रहे गुड़गांव विधायक मुकेश शर्मा के काफिले की पायलट गाड़ी को नशे में धुत एएसआई ने...
गुड़गांव, (ब्यूरो): एक तरफ जहां बुधवार रात को लोग नए साल के स्वागत का जश्न मना रहे थे, वहीं, एक ASI ने ऐसा कारनामा कर दिया कि पूरा पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया। सेक्टर-4/7 चौक से गुजर रहे गुड़गांव विधायक मुकेश शर्मा के काफिले की पायलट गाड़ी को नशे में धुत एएसआई ने अपनी निजी गाड़ी से टक्कर मार दी। इस घटना के बाद पुलिसकर्मी पायलट पर तैनात पुलिसकर्मियों से बहस करने लगा। इसी दौरान पास ही नाके पर तैनात ईएसआई रमेश ने इसकी सूचना न्यू कॉलोनी थाना पुलिस को दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू की। वहीं, मामले में संज्ञान लेते हुए पुलिस कमिश्नर ने आरोपी एएसआई बलजीत सिंह सहित चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है।
गुरुग्राम की ताजा खबरों के लिए लिंक https://www.facebook.com/KesariGurugram पर टच करें।
पुलिस के मुताबिक, ईएसआई रमेश ने बताया कि 31 दिसंबर की रात को वह अपनी टीम के साथ सेक्टर-4/7 चौक पर आईनॉक्स मॉल के बाहर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान एएसआई बलजीत सिंह अपनी निजी वैन्यू गाड़ी से मौके पर आए और अपने साथ एसपीओ अजयपाल, हैड कांस्टेबल संजय कुमार व हंसराज को साथ लेकर खाना खाने के लिए जा रहे थे। रात करीब साढ़े 9 बजे जब वह सेक्टर-4/7 चौक से न्यू कॉलोनी मोड़ की तरफ जाने के लिए यूटर्न लेने लगा। इसी दौरान लक्ष्मण विहार में जागरण में शामिल होकर वापस सदर बाजार की तरफ जा रहे काफिले के पायलट गाड़ी से एएसआई की गाड़ी टकरा गई। जिसके बाद पूरा काफिला यहां रुक गया। पूरा घटनाक्रम पास ही लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। बताया जा रहा है कि एएसआई बलजीत सिंह नशे में धुत थे और वह पायलट पर तैनात पुलिसकर्मियों से बहस करने लगा।
इसी दौरान पास ही मौजूद नाके पर तैनात ईएसआई रमेश मौके पर पहुंचे और मौके पर स्थानीय थाना पुलिस को बुलाया गया। ईएसआई रमेश की शिकायत पर न्यू कॉलोनी थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 281, 125, 324(4) व 185 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर की जांच के दौरान यह भी सामने आया कि एएसआई की निजी गाड़ी पर आगे नंबर प्लेट ही नहीं थी जबकि पीछे की नंबर प्लेट भी टैम्पर मिली।
वहीं, इस घटना ने पुलिस के ड्रंक एंड ड्राइव रोकने को लेकर चलाए जा रहे अभियान की पोल खोल दी है। जिस तरह से नशे में धुत होकर एएसआई द्वारा गाड़ी चलाई जा रही थी तो उसे रोका क्यों नहीं गया। जब पुलिसकर्मी ही यातायात नियमों को ताक पर रखेंगे तो जनता से किस तरह से यातायात नियमों की पालना करने की आशा रखी जा सकती है। मामले में फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। वहीं, मामले में पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा ने भी सख्त कार्रवाई करते हुए एएसआई बलजीत, हैड कांस्टेबल संजय, हंसराज सहित एसपीओ अजयपाल को सस्पेंड कर दिया है। चारों के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं।