सास-ससुर से विवाद तो नहीं मिलेगा लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ, जानिए क्यों

Edited By Isha, Updated: 28 Sep, 2025 02:07 PM

dispute with your in laws you will not get the benefit of lado laxmi yojana

प्रदेश सरकार की लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 2100 रुपये पाना उन बहुओं के लिए मुश्किल हो रहा है, जिनका अपने सास-ससुर के साथ मनमुटाव है। दरअसल, योजना के तहत उन्हें आवेदन करने के लिए ससुराल

कैथल: प्रदेश सरकार की लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 2100 रुपये पाना उन बहुओं के लिए मुश्किल हो रहा है, जिनका अपने सास-ससुर के साथ मनमुटाव है। दरअसल, योजना के तहत उन्हें आवेदन करने के लिए ससुराल पक्ष के सभी सदस्यों के आधार नंबर की जरूरत पड़ रही है। ऐसे में सास-ससुर साथ देंगे, तभी वे लाभार्थी बनकर धन (लक्ष्मी) का लाभ ले सकेंगी।

आंकड़ों के अनुसार, जिलेभर में करीब 30 हजार पात्र लाभार्थियों में से अब तक केवल 1625 महिलाओं के आवेदन ही स्वीकार हो पाए हैं। पहले चरण में योजना का लाभ उन्हीं अंत्योदय परिवारों की महिलाओं को मिलना है, जिनकी सालाना आमदनी एक लाख रुपये से कम है। लेकिन मोबाइल एप की तकनीकी दिक्कतों और दस्तावेजों की जटिल शर्तों के चलते अधिकांश महिलाओं का पंजीकरण अटक रहा है। जिन महिलाओं का पंजीकरण शुरू होता है, वे सास-ससुर या माता-पिता का आधार कार्ड उपलब्ध न होने के कारण आगे नहीं बढ़ पातीं। यहां तक कि माता-पिता या सास-ससुर के न होने की स्थिति में मृत्यु प्रमाण पत्र देना भी अनिवार्य है।

महिलाओं का कहना है कि जब परिवार पहचान पत्र में पहले से आधार नंबर दर्ज हैं, तो दोबारा उनसे दस्तावेज़ क्यों मांगे जा रहे हैं। सबसे अधिक दिक्कत रिहायशी प्रमाण पत्र को लेकर सामने आ रही है। सरकार के नियमों के अनुसार, सरल पोर्टल पर आवेदन करने के बाद ही रिहायशी प्रमाण पत्र बनता है, जिसके लिए ग्रामीण महिलाओं को नंबरदार, पटवारी व तहसीलदार और शहरी महिलाओं को पार्षद, नगरपालिका सचिव व तहसीलदार के हस्ताक्षर कराने पड़ते हैं। इस प्रक्रिया में कई दिन लग जाते हैं।  

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