स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही, DHBVN ने काटा UPHC का बिजली कनेक्शन

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 20 Dec, 2025 10:37 PM

dhbvn cut electricity connection of primary health center

स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही देखने को मिल रही है। बिजली बिल भुगतान न होने के कारण राजेंद्रा पार्क का शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र यानी UPHC पिछले पांच दिन से बिना बिजली के चल रहा है।

गुड़गांव, (ब्यूरो): स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही देखने को मिल रही है। बिजली बिल भुगतान न होने के कारण राजेंद्रा पार्क का शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र यानी UPHC पिछले पांच दिन से बिना बिजली के चल रहा है। इतना ही नहीं जिस बिल्डिंग में यह डिस्पेंसरी चलाई जा रही है उसका भी पिछले करीब छह महीने से किराया नहीं दिया गया है। ऐसे में बिल्डिंग मालिक द्वारा डिस्पेंसरी के लिए दी गई बिल्डिंग को खाली कराने की तैयारी की जा रही है। वहीं, बिल्डिंग मालिक की मानें तो पिछले करीब तीन महीने से बिजली बिल का भुगतान भी वह डिस्पेंसरी में कार्यरत डॉक्टर व स्टाफ पर दबाव देकर करवा रहे थे, लेकिन दो महीने से स्टाफ को भी सेलरी नहीं मिली है जिसके कारण अब बिजली के बिल का भुगतान नहीं हुआ और पांच दिन पहले बिजली निगम ने बिजली का कनेक्शन काट दिया।

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आपको बता दें कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा राजेंद्रा पार्क में संचालित डिस्पेंसरी को जुलाई माह में राजीव गांधी स्कूल के सामने से स्थानांतरित कर नजदीक ही एक अन्य बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया था। बिल्डिंग मालिक की मानें तो डिस्पेंसरी के लिए बिल्डिंग किराए पर लेने के बाद विभाग ने एग्रीमेंट तो किया था, लेकिन आज तक किराया नहीं दिया। बिजली बिल का भुगतान भी काफी मशक्कत के बाद कराना पड़ रहा था। अब विभाग की लापरवाही के कारण वह बिजली निगम के डिफाल्टर भी बन गए हैं। वहीं, डिस्पेंसरी के स्टाफ की मानें तो पांच दिन पहले बिजली निगम द्वारा यहां बिजली कनेक्शन काट दिया गया। ऐसे में एक गर्भवती की डिलीवरी मोमबत्ती की रोशनी में करानी पड़ी तो वहीं, एक अन्य गर्भवती को डिलीवरी के लिए सिविल अस्पताल भेजना पड़ा। 

 

बिजली न होने के कारण यहां स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ने लगा है। आपको यह भी बता दें कि डिस्पेंसरी में बच्चों के टीकाकरण के लिए वेक्सीन मौजूद रहती हैं जिन्हें निर्धारित तापमान में स्टोर करना होता है। ऐसा न करने पर यह वैक्सीन खराब हो जाती हैं। पांच दिन से बिजली न होने के कारण इसका सीधा असर वैक्सीन पर भी पड़ रहा है। हालांकि स्टाफ की मानें तो बिल्डिंग मालिक की मदद से वैक्सीन फ्रिज के लिए इंतजाम कर लिया गया है ताकि टीकाकरण के कार्य में कोई बाधा न आए।

 

वहीं, मामले में जब सिविल सर्जन डॉ अलका सिंह की मानें तो अक्टूबर माह में विभाग के पास 9 करोड़ रुपए का बजट आया था। इस बजट से सभी बिल का भुगतान कर दिया गया है। बिल्डिंग मालिक को भी अक्टूबर तक का किराया दे दिया गया है। वहीं, बिल्डिंग मालिक ने किराया मिलने की बात से इंकार कर दिया गया है। उनका कहना है कि अभी भी अधिकारियों की तरफ से उन्हें किराए देने और बिजली बिल भुगतान करने के लिए समय मांगा हुआ है। वहीं, डॉ अल्का का कहना है कि 31 दिसंबर तक सभी बकाया बिल और किराए का भुगतान कर दिया जाएगा।

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