Edited By Yakeen Kumar, Updated: 12 Oct, 2025 07:29 PM

सिरसा के गांव पनिहारी में मुख्यमंत्री की घोषणाओं को अमल में लाने में लापरवाही और मनमानी का मामला सामने आया है।
सिरसा (सतनाम सिंह) : सिरसा के गांव पनिहारी में मुख्यमंत्री की घोषणाओं को अमल में लाने में लापरवाही और मनमानी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि घग्गर नदी पर स्वीकृत पुल को तय स्थान से हटाकर दूसरी दिशा में बनाया जा रहा है, जिससे सैकड़ों ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, पुल का टेंडर गांव पनिहारी से गांव अलीका रोड को जोड़ने के लिए जारी हुआ था, लेकिन निर्माण कार्य गांव रंगा की दिशा में मोड़ दिया गया। इस बदलाव से गांव पनिहारी और अलीका समेत दर्जनभर गांवों का आपसी संपर्क टूट गया है। पनिहारी के वार्ड नंबर-1 के निवासी अब अपने ही गांव तक पहुंचने के लिए करीब 10 किलोमीटर लंबा चक्कर लगाने को मजबूर हैं, जबकि पहले यह दूरी एक किलोमीटर से भी कम थी।
2015 में पूर्व सीएम खट्टर ने की थी घोषणा
गौरतलब है कि इस पुल की घोषणा वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने की थी और वर्ष 2020 में 13 करोड़ 72 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई थी। जब निर्माण शुरू हुआ तो ग्रामीणों ने दिशा में अंतर देखकर 17 जुलाई 2025 को आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगी। विभागीय दस्तावेजों में पुल को पनिहारी-अलीका रोड पर दर्शाया गया है, जबकि गांव रंगा का उल्लेख कहीं नहीं है।
90 लाख रूपये की लागत से बनवाया था पुल
ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले उन्होंने चंदा एकत्रित कर 90 लाख रुपये की लागत से पुल बनवाया था, जिसे अब तोड़ दिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत से जनहित की अनदेखी कर मनमाने तरीके से निर्माण कराया जा रहा है। इस मामले में फिलहाल अधिकाारियो की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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