Edited By Isha, Updated: 27 Oct, 2026 08:31 AM

भाजपा हरियाणा के पूर्व अध्यक्ष एवं सांसद सुभाष बराला ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे कांग्रेस की हताशा और निराशा का प्रतीक बताया
हरियाणा डेस्क( संजय अरोड़ा): भाजपा हरियाणा के पूर्व अध्यक्ष एवं सांसद सुभाष बराला ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे कांग्रेस की हताशा और निराशा का प्रतीक बताया। उन्होंने खड़गे और राहुल गांधी से देश की जनता से माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं की ऐसी भाषा उनकी हताशा और निराशा को दर्शाती है। सांसद सुभाष बराला ने कहा कि देश की जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से नरेंद्र मोदी को वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा करने का अवसर दिया और लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाया।
इससे पहले गुजरात की जनता ने भी उन्हें लगभग 12 वर्षों तक मुख्यमंत्री के रूप में चुना। उन्होंने कहा कि गरीब परिवार से निकलकर नरेंद्र मोदी का देश के सर्वोच्च कार्यकारी पद तक पहुंचना और परिवारवाद की राजनीति से देश को मुक्ति मिलना गांधी परिवार को रास नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित कांग्रेस नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और लगातार मिल रहे जनसमर्थन को स्वीकार नहीं कर पा रहा है। इसी कारण कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी में हताशा दिखाई देती है। सांसद बराला ने आरोप लगाया कि चुनावों के माध्यम से जनता का विश्वास हासिल करने में असफल रहने के बाद कांग्रेस प्रधानमंत्री पर व्यक्तिगत टिप्पणियां करने, सरकार को अस्थिर करने और समाज में विद्वेष पैदा करने का प्रयास करती है।
राज्यसभा सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गैर-कांग्रेसी सरकारों का लगातार मजबूत होना कांग्रेस को हजम नहीं हो रहा है। कांग्रेस सत्ता में वापसी के लिए बेचैन है और इसी बेचैनी में जनता के बीच भ्रम तथा गलतफहमियां पैदा करने का प्रयास कर रही है, मगर देश की जनता कांग्रेस के ऐसे हथकंडों में आने वाली नहीं है। सांसद सुभाष बराला ने कहा कि इससे पहले भी कांग्रेस नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती रही हैं। अब प्रधानमंत्री के पिता को लेकर की गई टिप्पणी भी कांग्रेस नेतृत्व की राजनीतिक हताशा को उजागर करती है।
उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस जनता का विश्वास जीतने में सफल नहीं होती, तो वह युवाओं और किसानों जैसे वर्गों के मुद्दों का राजनीतिक इस्तेमाल करके अपनी निराशा जाहिर करती है। उन्होंने कहा कि देश की जनता पहले भी कांग्रेस की ऐसी बयानबाजी और राजनीतिक हथकंडों का जवाब दे चुकी है और आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी। सांसद बराला ने कांग्रेस नेतृत्व से अपनी टिप्पणी के लिए देश की जनता से माफी मांगने की मांग दोहराई।
व्यक्तिगत टिप्पणियों से कांग्रेस की विकृत सोच उजागर
राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों को नीतियों, विकास कार्यों और जनहित के मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए, लेकिन किसी नेता के परिवार को निशाना बनाना राजनीतिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर की गई टिप्पणी कांग्रेस की गिरती राजनीतिक भाषा विकृत मानसिकता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को इस तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए और देश की जनता के सामने अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। बराला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में संघर्ष करते हुए देश के सर्वोच्च कार्यकारी पद तक का सफर तय किया है। उनकी राजनीतिक यात्रा लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जनता के समर्थन का परिणाम है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व प्रधानमंत्री की लोकप्रियता और लगातार मिल रहे जनसमर्थन से असहज है। इसी कारण उसके नेता व्यक्तिगत टिप्पणियों का सहारा ले रहे हैं। राज्यसभा सांसद ने कहा कि जनता राजनीतिक दलों के व्यवहार और उनके विचारों पर नजर रखती है। कांग्रेस को चाहिए कि वह व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप के बजाय विकास, रोजगार, किसान कल्याण और जनहित के मुद्दों पर अपनी बात रखे। उन्होंने खड़गे और राहुल गांधी से टिप्पणी पर माफी मांगने की मांग दोहराई।