Edited By Harman, Updated: 09 Sep, 2026 11:49 AM

हरियाणा में आर्म्स लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। है। अब वैपन ट्रैनिंग सर्टिफिकेट (फॉर्म एस-1) के लिए ट्रेनिंग स्लॉट उन्हीं आवेदकों को मिलेगा, जिनके आर्म्स लाइसेंस आवेदन को पहले 'इन प्रिंसीपल अप्रूवल' मिल चुका होगा।
हरियाणा डेस्क : हरियाणा में आर्म्स लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। है। अब वैपन ट्रैनिंग सर्टिफिकेट (फॉर्म एस-1) के लिए ट्रेनिंग स्लॉट उन्हीं आवेदकों को मिलेगा, जिनके आर्म्स लाइसेंस आवेदन को पहले 'इन प्रिंसीपल अप्रूवल' मिल चुका होगा।
गृह विभाग ने इस संबंध में 2 आदेश जारी में एनआईसी हरियाणा को पोर्टल में जरूरी बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नई व्यवस्था ऑनलाइन लागू हो सके। किए हैं। विभाग ने कहा है कि वेपन ट्रेनिंग स्लॉट की भारी मांग को देखते हुए बिना सैद्धांतिक मंजूरी वाले आवेदकों को ट्रेनिंग स्लॉट देना उचित नहीं है। 30 जुलाई 2026 को जारी आदेश में एनआईसी हरियाणा को पोर्टल में जरुरी बदलाव करने के निर्देश दिए गए ताकि नई व्यवस्था ऑनलाइन लागू हो सके।
पोर्टल में संशोधन कर एन. आई. सी. को निर्देश दिए गए सैद्धांतिक मंजूरी प्राप्त आवेदकों के लिए ही ट्रेनिंग स्लॉट उपलब्ध करवाए जाएं। वहीं, पोर्टल में बदलाव लागू होने तक पुलिस महानिदेशक को वैपन ट्रेनिंग की मैनुअल प्रक्रिया जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि इससे लाइसेंस प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और ट्रेनिंग स्लॉट का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा।