Edited By Manisha rana, Updated: 16 Jan, 2026 04:16 PM

सी.बी.आई. की विशेष कोर्ट ने 152 करोड़ रुपए के बैंक धोखाधड़ी मामले में दो कम्पनियों और छह आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। आरोपियों को 22 दिसम्बर को दोषी करार दिया था।
पंचकूला : सी.बी.आई. की विशेष कोर्ट ने 152 करोड़ रुपए के बैंक धोखाधड़ी मामले में दो कम्पनियों और छह आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। आरोपियों को 22 दिसम्बर को दोषी करार दिया था।
सी.बी. आई. के अनुसार कोर्ट ने मैसर्ज एस. आर.एस. रियल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और मैसर्ज एस.आर.एस. रियल एस्टेट लिमिटेड को दोषी ठहराते हुए 50-50 हजार रुपए जुर्माना लगाया है। वहीं अन्य आरोपियों में राजेश सिंगला और अनिल जिंदल को 5-5 साल के कठोर कारावास के साथ 1.2 लाख जुर्माना लगाया है। इसके अलावा बिशन बंसल और नानक चंद को 5 साल का कठोर कारावास और 80 हजार जुर्माना, जबकि सीमा नरंग और धीरज गुप्ता को 4-4 साल का कठोर कारावास तथा 40 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।
सी.बी.आई. ने यह मामला 14 जुलाई, 2020 को केनरा बैंक, सर्कल कार्यालय करनाल की शिकायत पर दर्ज किया था। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने साजिश के तहत बैंक से 152 करोड़ रुपए का क्रैडिट लिमिट/लोन धोखाधड़ी से हासिल किया और राशि को स्वीकृत उद्देश्य की बजाय अन्य कार्यों में उपयोग किया। जांच में सामने आया कि दोनों कम्पनियों ने अपने-अपने निदेशकों के माध्यम से डमी कम्पनियों का इस्तेमाल कर बिना वास्तविक व्यावसायिक गतिविधि के लोन राशि को डायवर्ट किया, जिससे केनरा बैंक को करीब 135 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। सी.बी.आई. ने जांच पूरी होने के बाद 31 दिसम्बर, 2022 को 2 चार्जशीट दाखिल की थी।
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