भिवानी दलित छात्रा आत्महत्या मामला: पुलिस की जांच पर NCSC सख्त, हैंडराइटिंग मिसमैच के खुलासे ने केस में लाया नया मोड़

Edited By Isha, Updated: 29 Dec, 2025 08:25 PM

bhiwani dalit student suicide case ncsc takes strict stance

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने भिवानी जिले में पिछले साल हुई एक 22 वर्षीय दलित छात्रा की आत्महत्या के मामले में स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है

भिवानी: राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने भिवानी जिले में पिछले साल हुई एक 22 वर्षीय दलित छात्रा की आत्महत्या के मामले में स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि पुलिस अधिकारियों ने इस मामले की जांच में लापरवाही बरती है। आयोग ने सिफारिश की है कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ एससी/एसटी (पीओए) अधिनियम की धारा 4 के प्रावधानों के तहत विभागीय जांच शुरू की जाए।

आयोग के अध्यक्ष किशोर मकवाना के समक्ष 11 दिसंबर को हुई सुनवाई के दौरान यह मामला जोर-शोर से उठा। आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित विशेष जांच दल (SIT) को निर्देश दिया है कि वह समय सीमा के भीतर और निष्पक्ष तरीके से अपनी जांच पूरी करे। इसके साथ ही, आयोग ने 15 दिनों के भीतर 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' (की गई कार्रवाई की रिपोर्ट) तलब की है।

हैंडराइटिंग को लेकर चौंकाने वाला खुलासा
सुनवाई के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। डीएसपी (राज्य अपराध शाखा, फरीदाबाद) विकास कुमार ने 11 दिसंबर को आयोग को जानकारी दी कि मृतक छात्रा की हैंडराइटिंग उसकी उत्तर पुस्तिकाओं (Answer Sheets) से मेल नहीं खा रही है।

डीएसपी ने बताया, "सीएफएसएल (CFSL) रिपोर्ट के अनुसार, छात्रा की लिखावट का मिलान उसकी उत्तर पुस्तिका से नहीं हुआ है। इस खुलासे के बाद एफआईआर में बीएनएस (BNS) की धारा 338, 336 और 340 को भी जोड़ा गया है। मामले की तह तक जाने के लिए एक एसआईटी गठित की गई है जो फिलहाल जांच कर रही है।"

क्या था पूरा मामला?
पिछले साल दिसंबर में बीए पांचवें सेमेस्टर की इस 22 वर्षीय छात्रा ने आत्महत्या कर ली थी। आरोप था कि फीस जमा न होने के कारण कॉलेज प्रशासन ने उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी थी, जिससे वह मानसिक तनाव में थी। हालांकि, कॉलेज प्रबंधन ने छात्रा के परिवार द्वारा लगाए गए इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था।

इस मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ा था, जहां सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने लोहारू से कांग्रेस विधायक राजवीर फर्तिया पर संस्थान चलाने का आरोप लगाया था। हालांकि, विधायक ने स्पष्ट किया था कि कॉलेज का कामकाज उनके बहनोई हनुमान देखते हैं।

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!