Edited By Deepak Kumar, Updated: 12 Oct, 2025 05:34 PM

आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या पर इनैलो नेता अभय सिंह चौटाला के विवादित बयान ने हरियाणा की राजनीति में भूचाल ला दिया है। इस बयान ने न केवल जनता बल्कि उनके अपने परिवार के सदस्यों को भी नाराज कर दिया है।
कैथल, (जयपाल रसूलपुर): आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या पर इनैलो नेता अभय सिंह चौटाला के विवादित बयान ने हरियाणा की राजनीति में भूचाल ला दिया है। इस बयान ने न केवल जनता बल्कि उनके अपने परिवार के सदस्यों को भी नाराज कर दिया है। अभय चौटाला का यह बयान पूरे प्रदेश में तीखी आलोचना का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे “शर्मनाक”, “असंवेदनशील” और “एक जनप्रतिनिधि के लायक नहीं” बताया है। कई लोगों ने मांग की है कि अभय को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
वहीं, आज उनके बड़े भाई अजय सिंह चौटाला ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “भीटोड़े में से हमेशा गोसे ही निकलेंगे, चाहे उनके बेटे बोले या वह खुद बोले, वे ऐसी ही भाषा इस्तेमाल करते हैं। लोगों को बेइज्जत करने का काम करते हैं।” अजय चौटाला ने कहा कि यह बयान इंसानियत के खिलाफ है और अभय की मानसिकता को दर्शाता है कि वे संवेदनशील मुद्दों पर भी हल्की टिप्पणी करने से बाज नहीं आते। बता दें कि अभय चौटाला ने एक प्रेस वार्ता से पहले आईपीएस अधिकारी वाई. पूरण कुमार विवादित बयान में कहा था कि “मर गया तो आपा के करै?” (मर गया तो क्या करें?)।
वहीं, जजपा के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय चौटाला ने भी अभय पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि “हमारे समाज में अगर कोई दुश्मन भी मर जाए तो दुख प्रकट किया जाता है, लेकिन जो व्यक्ति एक आईपीएस अधिकारी की मौत पर यह कहे कि ‘मर गया तो मरने दो’, वह ताऊ देवीलाल के उसूलों पर नहीं चल रहा। ऐसे लोग सिर्फ अपनी राजनीति चमकाने के लिए संवेदनाओं का मजाक उड़ाते हैं।”
दिग्विजय चौटाला ने आगे कहा कि अभय चौटाला अब फिर से “अपने गुंडे-बदमाशों की टोली” के साथ सक्रिय हो गए हैं। “अब इनके साथ वही मोटी चैन पहनने वाले गुंडे, पहलवान और दबंग नजर आने लगे हैं। जब जब ये चलते हैं, समाज में वैमनस्य फैलाते हैं।”
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस बयान से न केवल अभय चौटाला की छवि को धक्का लगा है, बल्कि चौटाला परिवार में पुरानी कलह भी फिर से सतह पर आ गई है। ताऊ देवीलाल की विचारधारा का हवाला देने वाले नेता के इस रवैए ने जनता के बीच गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या अभय अब जनता की भावनाओं से कट चुके हैं।